मंदी की गाज गिरी आईटी निवेश पर

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 7:25 PM IST

अगले वित्तीय वर्ष के और कठिन होने का अनुमान लगाते हुए देश की दिग्गज कंपनियां अपना आईटी बजट संतुलित करने की तैयारी कर रही हैं।
साथ ही ये कंपनियां किसी अतिरिक्त निवेश से बच रही हैं। यह अब तक की उस परंपरागत धारणा की उल्टी है, जिसके तहत माना जाता था कि कंपनियों को मुश्किल वक्त में अपना आईटी बजट बढ़ाना चाहिए।
अब ये कंपनियां तकनीकों के खुले स्रोत और कम लागत वाली बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान दे रही हैं। उदाहरण के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने पिछले साल दूरसंचार प्रौद्योगिकी पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए थे। लेकिन इस साल यह कंपनी इस मद में होने वाले खर्च में कटौती कर रही है।
आरआईएल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक कुमार ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ”हां, आईटी खर्चों में कटौती की जाएगी पर यह कटौती कितनी होगी, इसका फैसला अब तक नहीं हुआ है। खर्च में यह कमी लागत घटाने की हमारी रणनीति का एक हिस्सा है।”
हालांकि कोई भी कंपनी आईटी के लिए किए गए निवेश का कोई अलग से आंकड़ा नहीं देती। पर जानकारों के अनुसार, कोई कंपनी अपने कुल राजस्व का 3-5 फीसदी आईटी निवेश पर खर्च करती है। टाटा समूह के एक सूत्र ने बताया कि आईटी सहित तमाम खर्चों पर पुर्नविचार हो सकता है।
टाटा स्टील की सहयोगी कंपनी कोरस ने मंदी से लड़ने के लिए मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में खर्चे में करीब 4,370 करोड़ रुपये की कटौती कर दी। सूत्रों के मुताबिक, इस कटौती में आईटी पर होनेवाला खर्च भी शामिल है। हालांकि ऑटोमाबाइल दिग्गज महिन्द्रा ऐंड महिन्द्रा ने अपना आईटी बजट न घटाने का फैसला लिया है।
बहरहाल कंपनी ने इसमें बढ़ोतरी का भी कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। फिक्की-फे्र म्स सेमिनार में कंपनी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आनंद महिंद्रा ने बताया, ”हम अपना आईटी खर्च न घटा रहे हैं और न ही बढ़ा रहे हैं। सहयोगी कंपनी टेक महिन्द्रा के जरिए आईटी रिसर्च और विकास में कंपनी को काफी निवेश हासिल हुआ है।”
यह हाल रिलायंस कम्युनिकेशंस का है। वह भी आईटी बजट न घटाएगी और न बढ़ाएगी। आदित्य बिरला समूह के मुताबिक, पूंजीगत और आईटी खर्च में कमी का उसका कोई इरादा नहीं है। उल्लेखनीय है कि वैश्विक रिसर्च फर्म गार्टनर के मुताबिक, 2008 के 13 फीसदी की तुलना में 2009 में भारत की कंपनियों के आईटी खर्च में 5.52 फीसदी की कमी होगी।

First Published : March 9, 2009 | 5:52 PM IST