बिजली क्षेत्र की अग्रणी ऋणदाता कंपनी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) 5,000 करोड़ रुपये जुटाने हेतु खुदरा निवेशकों के लिए शुक्रवार को अपनी पहली सार्वजनिक बांड बिक्री शुरू कर रही है। यह निर्गम शुक्रवार यानी 15 जनवरी को खुलेगा। कंपनी ने कहा है कि आगे वह इसी तरह के और निर्गम लाएगी।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि बेस इश्यू का आकार 500 करोड़ रुपये होगा, जिसमें 5,000 करोड़ रुपये तक के ओवर सबस्क्रिप्शन का विकल्प होगा, जो 10,000 करोड़ रुपये की शेल्फ सीमा के भीतर है। यह आवंटन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा और इसकी पहली किश्त 29 जनवरी 2021 को बंद होगी।
निवेशकों की श्रेणी को कुल चार भागों में बांटा गया है। इसमें से 40 प्रतिशत खुदरा एवं उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों (एचएनआई) के लिए रखे गए हैं, जबकि शेष संस्थागत एवं गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए है। ये बॉन्ड 3 वर्ष, 5 , 10 और 15 वर्ष की परिपक्वता वाले है। संस्थागत और गैर संस्थागत निवेशकों को 3 वर्ष, 5 और 15 वर्ष के बांड पर क्रमश: 4.65 प्रतिशत, 5.65 प्रतिशत और 6.78-6.95 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। 10 वर्ष के कार्यकाल एनसीडी ब्याज की फिक्स्ड एवं फ्लोटिंग दोनों दरों के विकल्प प्रदान करते हैं। तय दर 6.6-7 फीसदी है। कंपनी ने एक बयान में बताया कि फ्लोटिंग दरों में 55 आधार अंकों से 80 आधार अंकों तक का फ्लोर होगा, जो निवेशकों की श्रेणी के आधार पर तय किया जाएगा। 15 वर्ष के कार्यकाल एनसीडी में 7.15 प्रतिशत की अधिकतम दर के साथ निश्चित कूपन दरों की एक सीमा दी जाएगी।
पीएफसी के निदेशक (वित्त) परमिंदर चोपड़ा ने कहा कि फ्लोटिंग दरें बेंचमार्क फिक्स्ड इनकम मनी मार्केट्स एंड डेरिवेटिव्स एसोसिएशन (एफआईएमएमडीए) 10-वर्षीय जी-सेक (वार्षिक) पर आधारित है। वह कहते हैं, ‘इन बांडों में क्रेडिट रेटिंग सुरक्षा सबसे अधिक है। निवेशकों के लिए तीन विकल्प हैं – नियमित आय चाहने वालों के लिए त्रैमासिक ब्याज भुगतान, फिर 10-वर्षीय वार्षिक ब्याज भुगतान और इसके अलावा वे निवेशक जो अपनी बचत को बाजार के बेंचमार्क दर पर आंकना चाहते हैं, उनके लिए एक अस्थायी विकल्प भी पेश किया गया है।’
30 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, पीएफसी के पास 7.2 लाख करोड़ रुपये का परिसंपत्ति आधार था और 1.24 लाख करोड़ रुपये मूल्य का वितरण किया गया था।