इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादलों के बावजूद सरकारी बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी (ओआईसी) इस बड़े आयोजन के लिए 400 करोड़ रुपये की बीमा सुरक्षा योजना को अंतिम रूप देने के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है।
इस बारे में कंपनी के बड़े अधिकारियों का कहना है कि 18 लाख के प्रीमियम के बदले इस कारोबार को अपनी झोली में डालने के बाद कंपनी आयोजकों के साथ दरों को लेकर दोबारा कोई बातचीत नहीं कर सकती है। कंपनी अंतरराष्ट्रीय पुनर्बीमा बाजार से पुनर्बीमा सुरक्षा की अनुमति मिलने की प्रतीक्षा कर रही है।
हालांकि ओआईसी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से प्रीमियम की राशि अभी मिलनी बाकी है। अगर प्रीमियम का भुगतान कर दिया जाता है तो इसे आईपीएल के कार्यक्रम के रद्द या इसमें फेरबदल होने की स्थिति में पैदा होने वाले जोखिम की पूरी जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी।
सामान्य तौर पर प्रीमियम का भुगतान आयोजन से पहले किया जाता है। सूत्रों का कहना है कि कंपनी के पास किसी भी तरह की पुनर्बीमा सुरक्षा और न ही कंपनी के पास टेरर पुल की सुरक्षा है। अगर कार्यक्रम रद्द होता है तो उस स्थिति में बीमा कंपनी को 400 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
फिलहाल बीमा कंपनी रीइंश्योरेंस सपोर्ट पर बातचीत कर रही है। इस बारे में ओआईसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एम रामडॉस का कहना है कि हम रीइंश्योरेंस कवर मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंनें कहा कि जोखिम के मात्र 5 फीसदी हिस्से को ही उनके साथ रखा जाता है जबकि बाकी 95 फीसदी को ऐसे मामलों में पुनर्बीमित किया जाता है।
गौरतलब है कि मुंबई में हुए आतंकी हमलों के बाद हुए नुकसान की भरपाई के लिए गैर-जीवन बीमा कंपनियों के द्वारा टेरर पुल की व्यवस्था थी लेकिन क्रिकेट जैसे आयोजनों के साथ इस तरह की बात नहीं है। मौजूदा समय में टेरर पुल मुख्य रूप से संपत्ति की सुरक्षा शामिल है जबकि मोटर, व्यक्तिगत दुघर्टनाओं औ को इस पुल से बाहर रखा जाता है।
उल्लेखनीय है कि हाल में ही पाकिस्तान में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर आतंकवादियाें के हमले के बाद भारत में अप्रैल माह से शुरू होने वाले आईपीएल के निर्धारित कार्यक्रम को लेकर संदेह का वातावरण उत्पन्न हो गया है। गृह मंत्री पी चिदंबरम ने आईपीएल के आयोजकों से आगामी आम चुनावों और सुरक्षा कारणों के मद्दनजर कार्यक्रम के समय में फेरबदल करने का आग्रह कर चुके हैं।