तकरीबन 30 लाख मोबाइल फोन उपभोक्ताओं और मोबाइल ऑपरेटरों के लिए बुरी खबर है। 31 मार्च के बाद इन उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर बातचीत बंद हो सकती है।
दरअसल सरकार ने ऐसे सभी मोबाइल फोन उपभोक्ताओं की सेवा बंद करने के लिए 31 मार्च तक की मियाद रखी है, जिनके पास बिना अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (आईएमईआई) नंबर वाले हैंडसेट हैं।
आम तौर पर चीन से ऐसे मोबाइल फोन आते हैं, जिनमें 15 अंकों का यह विशिष्ट नंबर नहीं होता है। हरेक हैंडसेट के लिए यह नंबर अलग होता है और इसके जरिये उपभोक्ता की पहचान हो जाती है।
पिछले साल अक्टूबर में दूरसंचार विभाग ने बगैर आईएमईआई नंबर के हैंडसेट पर बातचीत बंद करने के निर्देश ऑपरेटरों को दिए थे। विभाग ने सभी ऑपरेटरों को उपकरण पहचान पंजिका (ईआईआर) भी तैयार करने को कहा था, ताकि गुम हुए या चोरी हुए हैंडसेट की जानकारी मिल सके।
विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘ऑपरेटरों से इसी साल की शुरुआत में यह जानकारी देने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने कुछ समय मांगा।
इसी वजह से ऑपरेटरों को बगैर आईएमईआई वाले नंबरों का ब्योरा देने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया है। उन्हें 15 अप्रैल तक ऐसे सभी नंबरों पर सुविधाएं रोक देने के लिए भी कहा गया है।’
दरअसल आईएमईआई नंबर फोन की पहचान करने के साथ चुराए गए फोन का इस्तेमाल रोकने में भी मदद करता है। यदि एक बार चोरी गए आईएमईआई नंबर का पता चल जाए, तो उसे फौरन डिसकनेक्ट किया जा सकता है। इसके अलावा बातचीत को कानूनी दायरे में सुनने में भी यह नंबर मदद करता है।
सरकार ने सुरक्षा बलों के दबाव के चलते यह कदम उठाया है। दरअसल चुराए गए फोन या बगैर आईएमईआई वाले हैंडसेटों का अवैध इस्तेमाल या आपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। इन फोन से कॉल्स करने वाले का पता नहीं लगाया जा सकता है, इसीलिए इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया जा रहा है।
सेल्युलर ऑपरेटरों के संघ (सीओएआई) के तहत जीएसएम ऑपरेटर पहले से ही इस दिशा में काम कर रहे ऐसे फोन को बचाने के लिए वे एक सॉफ्टवेयर तैयार कर रहे हैं। इसे बगैर आईएमईआई वाले हैंडसेट में डालने के बाद आसानी से उनका पता चल जाएगा।
अलबत्ता भारती एयरटेल सरकारी आदेश मानने के लिए तैयार है। कंपनी ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि नंबरों की सूची तैयार है और उन्हें डिसकनेक्ट करने के लिए सरकारी आदेश का इंतजार है। हालांकि कंपनी ने यह जरूर कहा कि ऐसे फोन की तादाद कम है।
सरकारी कॉल
बगैर आईएमईआई नंबर के फोन अप्रैल में हो जाएंगे डिसकनेक्ट
ऐसे 30 लाख फोन
इन फोन का होता है आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल
ऑपरेटर तैयार कर रहे हैं सॉफ्टवेयर