रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा अपनी दूरसंचार इकाई के लिए अरबों डॉलर जुटाए जाने के कारण मुकेश अंबानी की कंपनी के सलाहकार मॉर्गन स्टैनली कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए शीर्ष विलय-अधिग्रहण सौदों की सूची में शामिल होने के लिए तैयार है। अमेरिका के इस बैंक ने कुल मिलाकर 28 अरब डॉलर के 25 सौदों के लिए सलाहकार के तौर पर काम किया। अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बैंक ऑफ अमेरिका 18 अरब डॉलर के लिए सलाहकार की भूमिका निभाते हुए दूसरे पायदान पर है जबकि ईवाई 18 अरब डॉलर के लेनदेन के साथ तीसरे स्थान पर है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉम्र्स में फेसबुक इंक का 5.7 बिलियन डॉलर निवेश और दोनों कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म को भुनाते हुए आरआईएल के बहीखाते को दुरुस्त करने में मदद मिली। ठीक उसी दौरान आरआईएल के खुदरा कारोबार रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर समूह की कंपनियों के अधिग्रहण की घोषणा की। साथ ही उसने फेसबुक के स्वामित्व वाली सोशल नेटवर्किंग फर्म व्हाट्ïसऐप के साथ साझेदारी की है ताकि आरआईएल के ई-कॉमर्स कारोबार के उपयोगकर्ताओं को व्हाट्सऐप प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की सुविधा मिल सके। जियो प्लेटफॉम्र्स में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी के लिए फेसबुक का निवेश भारतीय दूरसंचार एवं प्रौद्योगिकी वं अन्य निवेशकों से जबरदस्त रकम जुटाने और फ्यूचर समूह के साथ लंबित सौदे इस साल के शीर्ष अधिग्रहण सौदे हैं। इससे भारतीय कंपनियों के लिए सौदे की चाहत दिखती है। हम उम्मीद करते हैं कि यह प्रवृत्ति नए साल में भी जारी रहेगी।’
आरआईएल द्वारा 25,000 करोड़ रुपये के एक सौदे के तहत फ्यूचर समूह की कंपनियों के अधिग्रहण की घोषणा अगस्त में की गई थी लेकिन प्रतिस्पर्धी कंपनी एमेजॉन ने फ्यूचर समूह के साथ अपने करार का हवाला देते हुए इस सौदे के खिलाफ अदालत का रुख किया। मामला फिलहाल अदालत में लंबित है। बैंकरों ने कहा कि ब्लैकस्टोन द्वारा पीरामल ग्लास का अधिग्रहण, डीएचएफएल की बिक्री और रिलायंस कैपिटल की परिसंपत्तियों की बिक्री आगामी महीनों के बड़े सौदे होंगे।
अदाणी समूह 31,250 करोड़ रुपये के सौदे के साथ डीएचएफएल की दौड़ में सबसे आगे है। रिलायंस कैपिटल के लिए लगभग 60 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस की दौड़ में 18 कंपनियां शामिल हैं। रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस को 16 बोलीदाता मिले हैं।