भुगतान फर्म मोबिक्विक ने डेटा लीक होने की कथित घटना के एक दिन बाद कहा है कि उसे डेटा लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है। कंपनी ने कहा है कि वह सुरक्षा ऑडिट कराएगी और इसके लिए वह उपयुक्त अधिकारियों के साथ काम कर रही है। इस घटना से कथित तौर पर उसके 35 लाख उपयोगकर्ताओं के डेटा प्रभावित होने की बात कही गई है।
कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा है, ‘कंपनी उपयुक्त अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है और हम आश्वस्त हैं कि संवेदनशील डेटा को संग्रहीत करने के लिए हमारा सुरक्षा प्रोटोकॉल काफी दमदार है जिसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए और पर्याप्त सर्तकता बरतते हुए किसी तीसरे पक्ष से फोरेंसिक डेटा सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है।’
मंगलवार को ट्विटर पर ‘मोबिक्विकडेटालीक’ टैग के साथ कथित डेटा लीक का मामला ट्रेंड कर रहा था। इसके तहत 8.2 टेराबाइट (टीबी) डेटा के डार्क वेब पर लीक होने की बात कही गई थी जिसमें उसके उपयोगकर्ताओं के ग्राहक को जानो (केवाईसी) संबंधी जानकारी, पते, फोन नंबर, आधार कार्ड के आंकड़े आदि शामिल थे।
सोमवार को डार्क वेब से एक लिंक ऑनलाइन प्रसारित होना शुरू हुआ और कई उपयोगकर्ताओं ने उसमें अपने व्यक्तिगत विवरण को देखने की पुष्टि की। उस लिंक पर दावा किया गया था कि डेटा लीक अब तक का सबसे बड़ा केवाईसी डेटा लीक है। मंगलवार को बॉट्स ऐक्सेस को रोकने के लिए सर्च फीचर को डिसेबल कर दिया गया। कंपनी ने कहा, ‘हमने तमाम सूचनाओं का इस्तेमाल किया है ताकि कोई भी उस डेटा का दुरुपयोग न कर सके।’
सर्च योग्य डेटा पेज में करीब 35 लाख लोगों के केवाईसी विवरण, 9.9 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता फोन नंबर, ईमेल, हैश्ड पासवर्ड, एड्रेस, बैंक अकाउंट और कार्ड डिटेल्स होने का दावा किया गया।
देर मंगलवार को मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर एक लिंक गया जिसमें कई उपयोकर्ताओं के केवाईसी विवरण थे। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में वित्तीय नियामक आरबीआई स्वयं भी जांच शुरू कर सकता है, लेकिन कंपनी का मानना है कि डेटा उल्लंघन नहीं हुआ, जिससे मामला और जटिल हो गया।
नियमों के अनुसार, यदि कंपनी प्रभावित हुई तो उसका जोखिम विभाग इस मुद्दे पर आरबीआई से संपर्क करेगा जिसके बाद केंद्रीय बैंक इस मामले पर कोई कदम उठाएगा और अपनी जांच स्वतंत्र रूप से शुरू करेगा और खामियों को सामने लाने की कोशिश करेगा। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार मोबीक्विक ने अभी आरबीआई से संपर्क नहीं किया है।
हालांकि इस तरह के आई-प्रोफाइल मामले में, आरबीआई द्वारा स्वयं अपनी जांच शुरू किए जाने की संभावना है और मोबीक्विक को आरबीआई के डेटा अनुरोधों का पालन करना होगा। यदि डेटा उल्लंघन होने की बात साबित होती है और यदि कंपनी दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कदम उठाए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, कई लोगों ने कथित मोबीक्विक यूजर डेटा के स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए, जो 1.5 बिटकॉइन या करीब 86,000 डॉलर की बिक्री से संबंधित थे।