वीएस राजशेखरी रेड्डी के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार ने कहा कि वह सत्यम के संस्थापक बी. रामलिंग राजू द्वारा प्रवर्तित मायटास इन्फ्रा को मिली मौजूदा परियोजनाओ के ठेकों को जल्दबाजी में रद्द नहीं करेगी।
सरकार ने इस कंपनी के परियोजनाओं की किसी किस्म की जांच से इनकार किया। राज्य के वित्त मंत्री के. रोसैया ने कहा कि हम हड़बड़ी में काम नहीं करेंगे। सरकार का कर्तव्य है इंतजार करना और देखना।
यदि कोई परियोजना वापस ली जाती है, तो उसका सरकार को भारी दंड देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के विभिन्न विभाग इस घटनाक्रम को रोजाना देख रहे हैं और इसका अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने मेटास परियोजनाओं की जांच से इनकार करते हुए कहा कि जरूरी नहीं है।
राज्य मंत्रिमंडल के प्रवक्ता रोसैया ने कहा कि सभी परियोजनाएं नियमों के अनुरूप बहुत पारदर्शी तरीके से प्रदान की गई हैं।
हैदराबाद मेट्रो रेल की 12,132 करोड़ रुपये की परियोजना का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार मायटास के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम के साथ हुई सहमति को तभी रद्द कर सकती है, जबकि कंपनी इस साल मार्च तक वित्तीय खाताबंदी करने में नाकाम रहती है।