सत्यम कंप्यूटर्स की बिक्री के लिए संभावित ई- नीलामी मॉडल पर एलऐंडटी ने आपत्ति जताई है।
एलऐंडटी के निदेशक और अध्यक्ष (परिचालन) जे पी नायक ने ने कहा, ‘सत्यम कोई कमोडिटी नहीं है। हम सत्यम की ई-नीलामी करने के बिल्कुल खिलाफ हैं। किसी कंपनी के लिए सही खरीदार चुनने का यह तरीका सही नहीं है।’
दरअसल बी के मोदी के समूह स्पाइस ग्रुप ने भी सत्यम को खरीदने की इच्छा जताई है। हाल ही में मोदी ने घोषणा की थी कि कंपनी के पास सत्यम कंप्यूटर्स को खरीदने के लिए पर्याप्त रकम है। आइडिया सेल्युलर को स्पाइस कम्युनिकेशंस बेचने से कंपनी को लगभग 2100 करोड़ रुपये की रकम मिली थी।
बी के मोदी ने कहा था कि वह इस बारे में सरकार द्वारा नियुक्त नए निदेशक मंडल को पत्र भी लिख चुके हैं। मोदी ने कंपनी की बिक्री के लिए ई-नीलामी मॉडल को पारदर्शी प्रक्रिया बताते हुए इसका समर्थन किया था।
सेबी ने नियामकों में किए जाने वाले सुधारों के बारे में कोई घोषणा नहीं की है। इस बारे में नायक ने कहा, ‘सेबी ने जो भी बदलाव किए वह सत्यम के निदेशक मंडल की मांग पर ही थे। एक बार इन नियामकों में सुधार हो जाए, फिर कंपनी के लिए सही खरीदार चुनना निदेशक मंडल की जिम्मेदारी होगी।’
उन्होंने कहा, ‘एलऐंडटी सिर्फ एक इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी ही नहीं है। कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी और निर्माण क्षेत्र में भी कदम रखा है। सत्यम जैसी कंपनी का अधिग्रहण करने से इन क्षेत्रों में हमें काफी फायदा होगा।’