प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड (केबीएल) को उम्मीद है कि आने वाले समय में डेटा सेंटर, थर्मल पावर और विदेशी तेल एवं गैस परियोजनाएं विकास की प्रमुख संचालक बनी रहेंगी। पंप विनिर्माता यह कंपनी दो अंकों में राजस्व वृद्धि का लक्ष्य कर रही है और अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार का भी लगातार विस्तार कर रही है।
किर्लोस्कर ब्रदर्स इंटरनैशनल बीवी और एसपीपी पंप्स के प्रबंध निदेशक आलोक किर्लोस्कर ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘ऑर्डर बुक प्रमुख संकेतक होती है, जबकि बिक्री पिछला सूचकांक होती है। बिक्री में दो अंकों की वृद्धि हासिल करने के लिए हमें ऑर्डरों में भी दो अंकों की वृद्धि की जरूरत है। हमें उम्मीद है क्योंकि हमारी ऑर्डर संभावनाएं दमदार हैं।’
केबीएल 2.5 अरब डॉलर वाले किर्लोस्कर समूह की प्रमुख कंपनी है। वह बहुराष्ट्रीय फ्लूइड प्रबंधन समाधान प्रदाता तथा औद्योगिक, कृषि और घरेलू पंप, वाल्व और हाइड्रो-टर्बाइन की विनिर्माता है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में केबीएल ने 1,104.9 करोड़ रुपये का परिचालनगत राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक रहा। वित्त वर्ष 26 में राजस्व 4,538 करोड़ रुपये था।
जून 2026 तक केबीएल की घरेलू औद्योगिक ऑर्डर बुक 2,300 करोड़ रुपये से अधिक थी। अंतरराट्रीय औद्योगिक ऑर्डर बुक लगभग 1,500 करोड़ रुपये थी। किर्लोस्कर ने कहा कि पहली तिमाही के दौरान खुदरा और औद्योगिक दोनों ही कारोबारों ने वृद्धि को मदद दी। परिवारों और किसानों द्वारा अधिक निवेश के कारण खुदरा श्रेणी की मांग में सुधार हुआ। देश में जल अवसंरचना पर सरकारी खर्च और जोरदार विदेशी मांग से औद्योगिक कारोबार को लाभ हुआ।