जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा ने किया अधिग्रहण

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 14, 2022 | 9:07 PM IST

जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर ने बुधवार को 1,000 करोड़ रुपये में चेट्टीनाड गु्रप के बंदरगाह व्यवसाय के अधिग्रहण की घोषणा की। इस अधिग्रहण से कंपनी को अपनी क्षमता और बाहरी ढुलाई भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर के संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अरुण महेश्वरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘इस अधिग्रहण का वित्त पोषण 70:30 के डेट-इक्विटी अनुपात के साथ किया गया है। ये टर्मिनल माल, और अच्छे ग्राहक आधार की बेहतर और व्यापक पहुंच मुहैया कराएंगे।’
इस अधिग्रहण से जेएसडब्ल्यू गु्रप की कंपनी को अंतरराष्ट्रीय कोयला टर्मिनल और कामाराजार पोर्ट (केपीएल) पर बल्क टर्मिनल के साथ साथ न्यू मंगलोर पोर्ट ट्रस्ट (एनएमपीटी) में कोयला और बल्क कमोडिटी टर्मिनल के स्वामित्व एवं परिचालन नियंत्रण, दोनों में मदद मिलेगी।
महेश्वरी ने कहा, ‘ये टर्मिनल कम उपयोग वाले हैं और इन परिसंपत्तियों को खराीदने की यही एक मुख्य वजह थी। ये 50-60 प्रतिशत के क्षमता इस्तेमाल पर परिचालन कर रहे थे।’
कंपनी ने अपनी थर्ड-पार्टी कारगो भागीदारी मौजूदा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40-50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।
जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा इस अधिग्रहण की घोषणा कुछ वर्षों में 20 करोड़ टन क्षमता पाने की उसकी योजना के अनुरूप है। इन तीन अधिग्रहीत टर्मिनलों की संयुक्त रूप से प्रबंधन क्षमता 1.7 करोड़ टन की होगी।
महेश्वरी ने कहा, ‘इन अधिग्रहीत टर्मिनलों के लिए अगले कुछ वर्षों तक किसी तरह की पूंजीगत खर्च योजना नहीं है। हमने कुछ डिजिलीकरण योजनाएं बनाई हैं और कुछ छोटे उपकरण उन टर्मिनलों पर लगाए जाएंगे जो करीब 10 साल पुराने हैं।’
कंपनी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि नए टर्मिनल पारादीप पोर्ट ट्रस्ट पर 3 करोड़ टन कोयला निर्यात टर्मिनल से भी जुड़ेंगे जिसका परिचालन 2021
की पहली छमाही में शुरू होने की संभावना है।
टर्मिनल पर करीब 200 कर्मियों के साथ जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर ने इसके लिए कोई नई नियुक्ति करने की योजना नहीं बनाई है।
महेश्वरी ने संकेत दिया है कि मौजूदा अधिग्रहण कंपनी के पोर्टफोलियो में कुछ नए प्रवेश की शुरुआत हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘भारत में बेहद कम इस्तेमाल वाला तटीय यातायात है, क्योंकि ज्यादातर माल ढुलाई सड़क या रेल के जरिये की जाती है। तुरंत विस्तार के लिए, जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर भारतीय परिसंपत्तियों पर ध्यान केंद्रित करेगी और उनका पूरी तरह से इस्तेमाल करेगी। सही समय पर कई परिसंपत्तियां मौजूद हैं और हम इनका आकलन करेंगे। हम अगले साल कंटेनर सेगमेट की शुरुआत करेंगे। लेकिन हम किसी भी कार्य के लिए स्वतंत्र हैं और लिक्विड, गैस या कंटेनर के संदर्भ में विविधता लाना लाना पसंद करेंगे।’

First Published : November 19, 2020 | 12:19 AM IST