मंदी के चलते यात्रियों की संख्या में आ रही कमी को देखते हुए निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज अपनी क्षमता में 8 से 10 फीसदी कटौती की योजना बना रही है।
कंपनी के कार्यकारी निदेशक सरोज दत्त ने रूट्स एशिया 2009 के मौके पर कहा कि यात्रियों की संख्या में कमी आ रही है। ऐसे में किराए में बढ़ोतरी संभव नहीं है। यही वजह है कि स्थिति से निपटने के लिए क्षमता में कटौती की जा सकती है।
गौरतलब है कि पिछले साल जेट एयरवेज ने अपनी क्षमता में 12 फीसदी की कटौती की थी। हालांकि कंपनी लीज पर लिए गए विमानों की संख्या में किसी तरह की कटौती नहीं करेगी। दत्ता ने कहा कि रूटों की संख्या और उड़ानों की आवृति को घटाकर लागत में कटौती की जा सकती है।
दत्ता ने कर्मियों पर होने वाले खर्चों में कटौती के भी संकेत दिए, लेकिन इस मुद्दे पर विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। जानकारों का कहना है कि विमानन यात्रियों की संख्या में हाल के दिनों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन स्थिति में सुधार अक्टूबर तक आने की संभावना है।
जेट छोड़ चले रवि
निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज ने कहा कि समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि चतुर्वेदी ने मार्च में कंपनी छोड़ दी। हालांकि उन्हें जून में इस्तीफा देना था। विमानन कंपनी ने बीएसई को बताया कि चतुर्वेदी अब 25 मार्च 2009 से कंपनी के समूह मुख्य कार्याधिकारी नहीं है।