गुरुग्राम में मुख्यालय वाली आईटी दिग्गज एचसीएल टेक्नोलॉजिज चालू वित्त वर्ष में 15,000-20,000 फ्रेशरों को नियुक्त करने की संभावना तलाश रही है। कंपनी का मानना है कि अस्थायी श्रमिक इस क्षेत्र के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो रहे हैं।
अगले कुछ वर्षों के दौरान, घर से कार्य की बढ़ती स्वीकार्यता की वजह से एचसीएल टेक्नोलॉजिज के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (सीएचआरओ) अप्पाराव वी वी का मानना है कि ‘गिग वर्कर’ यानी अस्थायी या ठेका श्रमिकों का बड़ा योगदान होगा। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि काफी लोग स्वतंत्र कार्य बल बनेंगे। इसलिए यदि कोई कुछ वजहों से सिर्फ चार घंटे काम करना चाहता है तो वह कर सकता है। मेरी नजर में गिग श्रमिक और ज्यादा महत्त्वपूर्ण होंगे।’
अप्पाराव ने यह भी कहा कि महामारी से ऑफशोर-ऑनसाइट मॉडल में बदलाव आया है। चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में अप्पाराव ने कहा, ‘ऑफशोर-ऑनसाइट मॉडल बदला है। शुरुआती वर्षों में, इसका इस्तेमाल 70:30 के अनुपात में हइोता था। अब, वित्त वर्ष 2021 में यह 85:15 हो गया है। यह इसलिए है क्योंकि ज्यादातर ग्राहकों ने महामारी के दौरान यह महसूस किया कि उनकी व्यवसाय प्रक्रियाएं डिजिटलयुक्त नहीं हैं, जिनका प्रभाव उन पर पड़ रहा है।’
इन्फोसिस और विप्रो जैसी प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले, एचसीएल टेक ने लोगों को अपने साथ जोड़े रखने की दिशा में बेहतर काम किया है। वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में कंपनी की एट्रीशन दर (कर्मचारियों को अपने साथ बनाए रखने) 9.9 प्रतिशत पर थी। इन्फोसिस ने यह दर 15 प्रतिशत और विप्रो ने 12.1 प्रतिशत पर दर्ज की।
कंपनी ने तिमाही में अपनी सर्वाधिक नए ऑर्डरों की बुकिंग भी दर्ज की। यह बुकिंग 3.1 अरब डॉलर पर रही, जो सालाना 49 प्रतिशत की वृद्घि है। अप्पाराव ने कहा कि कंपनी बड़े सौदों को पूरा करने में सक्षम रही, क्योंकि वह शुरुआती स्तर के स्नातक इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने में कामयाब हुई और उन्हें विभिन्न लोकप्रिय एवं उपयोगी प्रौद्योगिकियों में उन्हें प्रशिक्षित करने के अवसर प्रदान किए।