कंज्यूमर डयूरेबल उद्योग के लिए साल 2009 काफी चुनौती भरा होगा। लेकिन इसमें हमारे लिए काफी संभावनाएं भी होंगी। सरकार की ओर से घोषित राहत पैकेज से अर्थव्यवस्था को जाहिर तौर पर फायदा होगा।
मुझे उम्मीद है कि मार्च से बाजार के हालात सुधरेंगे और खरीदारी से परहेज कर रहे ग्राहकों का रुख भी बदलेगा। दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान एयरकंडीशनर और फ्रिज की बिक्री सबसे ज्यादा होती है और ऐसा होने से पिछली बार बुरे वक्त से गुजरे एसी बाजार को फायदा होगा।
इस साल में सभी कंपनियां नए उत्पादों के जरिए ग्राहकों को लुभाने की पूरी कोशिश करेंगी। इसीलिए एलसीडी, वॉशिंग मशीन और एयरकंडीशनरों की श्रेणी में नए उत्पाद बाजार में आएंगे। नए उत्पादों से बिक्री में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। पहले ग्राहकों पर महंगाई की मार पड़ रही थी।
अब महंगाई कम हुई तो मंदी ने ग्राहकों को बाजार से मुंह मोड़ने पर मजबूर कर दिया। इस साल हमें एलसीडी कारोबार से काफी उम्मीदें हैं।
एलसीडी के दाम काफी कम हुए हैं इसीलिए हमें उम्मीद है कि इसकी बिक्री में बढ़ोतरी होगी। खास तौर पर 26 इंच और 32 इंच एलसीडी की श्रेणी में हमारे कारोबार में ही 250 फीसदी का इजाफा हुआ है।
इसके अलावा नई तकनीक वाले उत्पाद भी बाजार में आएंगे ही। साथ ही उत्पादों के दाम कम होने का फायदा भी उद्योग को मिलेगा ही। लेकिन इस साल माइक्रोवेव, एयर कंडीशनर और वॉशिंग मशीन की बिक्री पर ध्यान देने की जरूरत होगी।
मंदी के कारण कंज्यूमर डयूरेबल उद्योग के निर्यात में कमी आएगी। लेकिन घरेलू बाजार पर इस मंदी का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। कच्चे माल की कीमत घटने से उद्योग का मार्जिन और बेहतर होने की संभावना है। कंपनियां उत्पाद शुल्क घटने का फायदा ग्राहकों तक भी पहुंचाएंगी।
इसके अलावा टियर-1 और टियर-2 शहरों में भी कंज्यूमर डयूरेबल उत्पादों की मांग काफी बढ़ रही है। इसीलिए कंपनियां इन बाजारों में अलग रणनीति बनाएंगी। कुल मिलाकर हमारे लिए यह साल संभावनाओं से भरा हुआ है।
(जैसा कि नेहा भारद्वाज को बताया)