राजू के खुलासे के बाद सत्यम के शर्मिंदा होने का दौर कम नहीं हो रहा है। अब कयास लग रहे हैं कि कंपनी को पिछले साल मिला गोल्डन पीकॉक अवार्ड भी उससे छीना जा सकता है।
मजे की बात है कि यह अवार्ड अच्छे कॉर्पोरेट प्रशासन के लिए दिया जाता है और इसी मोर्चे पर सत्यम को तीखी आलोचना झेलनी पड़ रही है।सत्यम को कॉर्पोरेट गवनर्स अवॉर्ड देने वाले समूह ने कहा है कि वह इस अवार्ड को वापस ले सकता है।
समूह ने सत्यम के चेयरमैन रामलिंग राजू के इस्तीफे और धोखाधड़ी की खबरें सामने आने के बाद इस बारे में सोचना शुरू किया है, हालांकि अभी कोई भी फैसला नहीं लिया गया है।
सत्यम को लंदन की वर्ल्ड काउंसिल फॉर कॉरपोरेट गवनर्स से पारदर्शिता के लिए सितंबर में गोल्डन पीकॉक ग्लोबल अवार्ड दिया गया था।