बाजार तो आज लुढ़के मगर गोदरेज कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स (जीसीपीएल) के शेयर ने 22 फीसदी की उछाल मार दी। ब्रोकरेज ने इसकी रेटिंग सुधारी थी, जिसके बाद एक दिन में इस शेयर की यह सबसे बड़ी बढ़त है। तेजी इस उम्मीद से आई है कि कंपनी के नए प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी सुधीर सीतापति कंपनी के मुख्य उत्पाद श्रेणियों में पिछले कुछ साल से वृद्घि में चल रहा सुस्ती का रुख पलटने में कामयाब रहेंगे और उपभोक्ता क्षेत्र की अन्य कंपनियों के मुकाबले पूंजी कुशलता की खाई भी पाट देंगे।
सीतापति इस साल 18 अक्टूबर को पद संभालेंगे। वृद्धि लगातार नहीं बनी रहने और प्रतिफल अनुपात कमजोर रहने का असर इस शेयर के मूल्यांकन पर दिख रहा था। कंपनी का शेयर आज चढऩे से पहले इस क्षेत्र की इतने ही बाजार पूंजीकरण वाली अन्य कंपनियों के मुकाबले 18 फीसदी नीचे बना हुआ था।
इस तेजी के पीछे यह भरोसा काम कर रहा है कि यूनिलीवर में खाद्य, त्वचा साफ-सफाई और लॉन्ड्री जैसी श्रेणियों में 22 साल से अधिक का सीतापति का अनुभव गोदरेज के देसी कारोबार की किस्मत बदलने में काम आएगा। जीसीपीएल के कुल राजस्व में भारतीय कारोबार का 55 फीसदी हिस्सा है। एडलवाइस रिसर्च का कहना है कि उपभोक्ता कंपनियों में पेशेवर प्रबंधक पासा पलट सकते हैं। ये ब्रोकरेज ब्रिटानिया के वरुण बेरी, नेस्ले इंडिया के सुरेश नारायणन और टाटा कंज्मयूर प्रॉडक्ट्स के सुनील डिसूजा का उदाहरण देती हैं। इन पेशेवर प्रबंधकों के आने से इन कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार आया, जिससे इनके शेयरों की रेटिंग में भी अहम बढ़ोतरी हुई। जीसीपीएल का कमजोर प्रदर्शन इसलिए रहा क्योंकि कंपनी के शुद्ध लाभ में वृद्धि वित्त वर्ष 2015 से 2020 के दौरान 10 फीसदी से कम रही, जबकि उससे पहले के पांच वर्षों के दौरान (वित्त वर्ष 2010 से 2015 तक) वृद्घि 21 फीसदी रही थी। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू कारोबार में सुस्त बिक्री, मार्जिन बढ़ाने में नाकामी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में निवेश की गई पूंजी पर कमजोर प्रतिफल को सुधार नहीं पाने का जीसीपीएल की आमदनी वृद्धि की रफ्तार पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
कंपनी अपने देसी कारोबार में (राजस्व में 55 फीसदी हिस्सा) घरेलू कीटनाशक श्रेणी में अपनी पैठ और दायरे को व्यापक बनाने पर ध्यान देगी।