जेनेरिक आधार का फार्मेसी एग्रीगेटर ऐप शुरू

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 7:01 AM IST

अठारह वर्षीय अर्जुन देशपांडे के नेतृत्व वाली और टाटा समूह के चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा समर्थित खुदरा फार्मेसी शृंखला-जेनेरिक आधार ने सोमवार को एक एग्रीगेटर ऐप की शुरुआत की। वैश्विक महामारी से प्रभावित साल के दौरान इस शृंखला में 450 फ्रैंचाइज स्टोर शामिल होने से इसमें खासा इजाफा नजर आया है जिससे 100 शहरों में इसके विभिन्न स्टोरों की कुल संख्या बढ़कर 650 हो गई है।
वर्ष 2019 में सोलह वर्षीय देशपांडे द्वारा स्थापित यह स्टार्टअप लगभग नौ प्रमुख दवा विनिर्माताओं से जेनेरिक या बिना ब्रांड वाली दवाओं की खरीद करती है और अपने फ्रैंचाइज आउटलेट के माध्यम से बेचती है। बद्दी, गुजरात, महाराष्ट्र, पुदुच्चेरी में देश भर में फैले ये सभी विनिर्माता विश्व स्वास्थ्य संगठन-गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (डब्ल्यूटीओ-जीएमपी) से प्रमाणित हैं।
जेनेरिक दवाएं उसी सॉल्ट का इस्तेमाल करती हैं, जो किसी ब्रांडेड दवा में इस्तेमाल होता है, लेकिन इन दवाओं के दाम अपनी उन ब्रांडेड समकक्ष दवा की तुलना में 60 से 80 प्रतिशत तक कम होते हैं, जिन्हें बड़ी दवा कंपनियों द्वारा अपनी विपणन शक्ति का उपयोग करते हुए बेचा जाता है। जेनेरिक आधार के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी देशपांडे कहते हैं कि वे खुदरा विक्रेता को 40 प्रतिशत मार्जिन देते हैं और उनके पास एक केंद्रीय भंडारगृह है, जहां से पूरे देश में इसके स्टोरों को दवाओं का वितरण किया जाता है।
वर्ष 2021 में कंपनी का लक्ष्य अपने स्टोरों की संख्या बढ़ाकर 2,500 तक करना है। देशपांडे कहते हैं ‘हम उम्मीद करते हैं कि इस ऐप के जरिये प्रत्येक स्टोर के पास प्रति माह 3,00,000 रुपये का अतिरिक्त कारोबार सृजित करने की क्षमता हो।’ यह ऐप ऑर्डर एकत्रित करेगी और निकटतम जेनरिक आधार स्टोर उन दवाओं को घर तक पहुंचा देगा।
इसकी शुरुआत के मौके पर उपस्थित टाटा ने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि किफायती दामों के अलावा, ये दवाएं सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली भी हों। उन्होंने कहा ‘वरना यह एक बड़ा अवसर गंवाने वाली बात होगी।’ इस दिग्गज उद्योगपति ने पिछले साल मई में जेनेरिक आधार में अज्ञात राशि का निवेश किया था। इससे पहले उन्होंने लाइब्रेट नामक स्वास्थ्य देखभाल संबंधी एक अन्य स्टार्टअप में निवेश किया था, जो मरीजों को डॉक्टरों से जोडऩे में मदद करती है। टाटा फस्र्टक्राई, पेटीएम और स्नैपडील जैसी एक दर्जन से अधिक अन्य स्टार्टअप में निवेश कर चुके हैं।

First Published : March 15, 2021 | 11:41 PM IST