गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (जीसीपीएल) की दिसंबर तिमाही के नतीजे सोमवार को जारी किए गए। कंपनी के नतीजे काफी हद तक बाजार की उम्मीद के अनुरूप रहे हैं। उपभोक्ता वस्तु निर्माता का समेकित राजस्व 2019 की समीक्षाधीन तिमाही के मुकाबले 10 प्रतिशत बढ़कर 3,055 करोड़ रुपये रहा है। इसके साथ कंपनी को लगातार दूसरी तिमाही में दो अंक की बिक्री वृद्घि दर्ज करने में मदद मिली है, जो उसके पिछले अनुमान के अनुरूप है।
राजस्व में वृद्घि को मुख्य रूप से कंपनी के साबुन (सालाना आधार पर 15 प्रतिशत तक ज्यादा) और हेयर कलर (14 प्रतिशत) व्यवसायों के लिए बिक्री में दर्ज की गई दो अंक की बढ़ोतरी से मदद मिली। साथ ही उसके हाउसहोल्ड इंसेक्टीसाइड्स व्यवसाय में समान अवधि के दौरान 7 प्रतिशत तक की वृद्घि दर्ज की गई।
इंडोनेशिया को छोड़कर, सभी भूभागों ने सालाना आधार पर अच्छी वृद्घि दर्ज की है। इंडोनेशिया में कमजोर वृहद आर्थिक परिदृश्य के साथ साथ कोविड-19 मामलों में तेजी की वजह से मौद्रिक संदर्भ में राजस्व में 2 प्रतिशत की गिरावट को बढ़ावा मिला।
लेकिन कंपनी मध्यावधि के दौरान दो अंक की वृद्घि को लेकर आशान्वित बनी हुई है और उसका मुख्य फोकस पर्सनल तथा होम हाइजीन सेगमेंट तथा प्रमुख उत्पादों की मांग में सुधार पर है।
उपभोक्ता वस्तु निर्माता ने कोविड-19 महामारी के बीच हाइजीन उत्पादों की अपनी रेंज पर दांव लगाया है और उसने अगले तीन साल में अपनी ‘न्यू कोर’ रणनीति बनाने की योजना बनाई है। अपने हाइजीन ब्रांड ‘प्रोटेक्ट’ के तहत जीसीपीएल ने नए सेगमेंटों में उत्पाद पेश किए हैं।
तीसरी तिमाही में कंपनी ने होम क्लीनिंग सेगमेंट के उत्पादों में अपने प्रवेश की घोषणा की। यह ऐसा सेगमेंट है जिसने महामारी के बाद शानदार वृद्घि दर्ज की है। स्वच्छता बनाए रखने को लेकर बढ़ रही जागरूकता से कंपनी के साबुन व्यवसाय को मदद मिली है।
करीब एक साल तक संघर्ष से जूझने के बाद हेयर कलर व्यवसाय ने शानदार सुधार दर्ज किया है। कंपनी के इस व्यवसाय को लॉकडाउन की सख्ती घटने से मदद मिली। एडलवाइस सिक्योरिटीज में शोध विश्लेषक अबनीश रॉय का कहना है, ‘व्यवसाय के लिए बिक्री प्रभावित हुई थी, क्योंकि लोगों को कोविड-19 महामारी की वजह से अपने घरों में ही रहने के लिए बाध्य होना पड़ा था। लेकिन अब हमने सभी डिस्क्रेशनरी एफएमसीजी खपत में इजाफा दर्ज किया है और हेयर कलर सेगमेंट ने अच्छी वापसी की है। हमें उम्मीद है कि आगामी तिमाहियों में यह मजबूती बरकरार रहेगी।’
विश्लेषकों के अनुसार, इसके अलावा, कंपनी ने अपना वितरण नेटवर्क बढ़ाने और अपने अफ्रीकी परिचालन को दुरुस्त बनाने पर भी ध्यान दिया है, जो कंपनी के लिए प्रमुख सकारात्मक बदलाव है।
परिचालन लाभ भी 10 प्रतिशत बढ़कर 693 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन यह 708 करोड़ रुपये की उम्मीद से थोड़ा कम रहा। समेकित एबिटा मार्जिन सालाना आधार पर 22.7 प्रतिशत पर मजबूत बना रहा। भारतीय व्यवसाय के लिए भी, एबिटा मार्जिन 28.1 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले के 28.9 प्रतिशत से थोड़ा कम है।
विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में ऊंची पाम फैटी एसिड डिस्टिलेट (पीएफएडी) कीमतों से सकल मार्जिन पर प्रभाव पड़ सकता है। पीएफएडी साबुन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला प्रमुख कच्चा माल है। होम इंसेक्टीसाइड व्यवसाय में असंगठित क्षेत्र की अगरबत्ती कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ साथ मार्जिन बढ़ाने की राह में समस्या प्रमुख चिंता है।
असाधारण मदों को समायोजित करने के बाद कंपनी का शुद्घ लाभ 496 करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही के 423 करेाड़ रुपये के मुकाबले 17.3 प्रतिशत ज्यादा है।
कुल मिलाकर, विश्लेषक व्यवसायों के लिए सुधरते परिदृश्य को देखते हुए जीसीपीएल पर सकारात्मक बने हुए हैं।
वित्तीय नतीजों की प्रतिक्रिया में जीसीपीएल का शेयर सोवमार को 1.74 प्रतिशत गिर गया था।