गेल को 19 फीसदी हिस्सेदारी पर सहमति

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 8:15 PM IST

सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी ओएनजीसी जापान की इतोचू कार्प और ब्रिटेन स्थित दो कंपनियों समेत विश्व की प्रमुख रासायनिक कंपनियों के साथ 12,440 करोड़ रुपये के पेट्रोरसायन संयंत्र में क्रियात्मक हिस्सेदारी बेचने के संबंध में बातचीत कर रही है। इसकी एक इकाई गुजरात के दाहेज में बन रही है।
ओपल के मुख्य कार्याधिकारी पी. के. जौहरी ने कहा कि ओएनजीसी की ओपल में 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी जबकि सरकारी गैस उपक्रम गेल इंडिया लिमिटेड को 19 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी।
गेल के अध्यक्ष प्रबंध निदेशक यू डी चौबे ने कहा कि उन्होंने दाहेज के सेज में बन रहे रसायन परिसर में हिस्सेदारी के मामले में हाल में ओएनजीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक और ओपल अध्यक्ष आर. एस. शर्मा से बातचीत की। उन्होंने कहा कि गेल को 19 फीसदी हिस्सेदारी देने पर सहमति बनी है। इससे पहले ओएनजीसी गेल को 9 फीसदी हिस्सेदारी देने की बात कह रही थी।
हालांकि इस सौदे की रकम के बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है। ओएनजीसी की दूसरे दौर में जिन कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है, उसमें ब्रिटेन स्थित ईनियोस और लियोनडेल बेसल शामिल है। ओएनजीसी पेट्रो एडिशंस लिमिटेड ने शुरुआत में प्रस्तावित इकाई की 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए सात से आठ प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों और रसायन विपणनकर्ताओ से बातचीत की, लेकिन दूसरे दौर की बातचीत में सिर्फ तीन को शामिल किया।
ओपल के मुख्य कार्याधिकारी पी. के. जौहरी ने कहा कि हम ऐसे क्रियात्मक भागीदार की तलाश कर रहे हैं, जो प्रौद्योगिकी ला सकते हैं या उनका विपणन नेटवर्क मजबूत हो। इस साल के अंत तक हम क्रियात्मक भागीदार पर फैसला कर लेंगे।
ओपल में ओएनजीसी अपनी 19 फीसदी हिस्सेदारी गेल को देगी
शेष हिस्सेदारी के लिए तीन कंपनियों से कर रही है बात

First Published : March 17, 2009 | 1:58 PM IST