फ्यूचर-रिलायंस सौदे से रोक हटी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 8:36 AM IST

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) और रिलायंस रिटेल के बीच 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के संबंध में एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें उन्होंने एफआरएल और विभिन्न वैधानिक निकायों से यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा था।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह के पीठ ने एकल न्यायाधीश के 2 फरवरी के आदेश को चुनौती देने वाली एफआरएल की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह अंतरिम आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट, भारतीय प्रतिस्पद्र्घा आयोग (सीसीआई) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) जैसे वैधानिक निकायों को सौदे के संबंध में कानून के अनुसार आगे बढऩे से रोका नहीं जा सकता है।
पीठ ने एमेजॉन के इस अनुरोध को भी खारिज कर दिया कि न्यायालय अपने आदेश को एक सप्ताह के लिए रोके रखे, ताकि इस बीच वह उचित कदम उठाने के बारे में परामर्श कर सके। अदालत ने एमेजॉन को भी नोटिस जारी किया और 26 फरवरी तक एफआरएल की अपील पर उसका पक्ष मांगा, जिसके बाद इस मामले में दैनिक सुनवाई की जाएगी।
इससे पहले एमेजॉन ने इस सौदे पर सिंगापुर के आपातकालीन पंचाट के अंतरिम आदेश को लागू कराने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। पंचाट ने फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ उसके 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया था।
खंडपीठ ने अपने अंतरिम आदेश में एकल पीठ के सौदे पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि एमेजॉन और फ्यूचर कूपन्स के बीच शेयर खरीद करार में एफआरएल पक्ष नहीं थी। इसी तरह एफअरएल और रिलायंस रिटेल सौदे में अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज एमेजॉन भी पक्ष नहीं थी।

First Published : February 8, 2021 | 11:24 PM IST