टेमासेक समर्थित फुलर्टन फाइनैंंशियल होल्डिंग्स (एफएफएच) ने अपनी भारतीय अनुषंगी इकाई फुलर्टन इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड में 750 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश किया है। कोविड महामारी के आघात झेलने और वृद्धि को समर्थन देने के इरादे से यह निवेश किया गया है। यह एक साल के भीतर पूंजी डालने का ऐसा दूसरा मौका है। इसके पहले जून 2020 में भी एफएफएच ने 750 करोड़ रुपये डाले थे। सिंगापुर की सॉवरिन फंड टेमासेक के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एफएफएच फुलर्टन इंडिया में नियमित इक्विटी निवेश करती रही है।
वित्त वर्ष 2006-07 के बाद से वह अपनी भारतीय अनुषंगी में अब तक करीब 30.5 अरब रुपये डाल चुकी है। इसमें से 750 करोड़ रुपये की ताजा इक्विटी की मंजूरी अप्रैल 2021 में ही मिल गई थी। माना जा रहा है कि यह समय पर किया गया पूंजी निवेश है।
कंपनी का दिसंबर 2021 के अंत तक पूंजी पर्याप्तता अनुपात 21.5 फीसदी रहने का अनुमान है जो वर्ष 2019-20 में 24.15 फीसदी रहा था। फुलर्टन इंडिया की 5.6 गुना के मध्यम लिवरेज स्तर पर कारोबार करने की योजना है और मध्यम अवधि में वह कुल पूंजी स्तर को 17 फीसदी के ऊपर रखना चाहती है।
फुलर्टन इंडिया का टियर-1 अनुपात 2020-21 की तीसरी तिमाही में 17.2 फीसदी था, जो समान रेटिंग वाली कंपनियों के करीब है। इंडिया रेटिंग ऐंड रिसर्च ने फुलर्टन इंडिया को एए प्लस रेटिंग देते हुए परिदृश्य को स्थिर बताया है।