कुछ शीर्ष भारतीय कंपनियों के कर्मचारियों को उस समय एक सुखद आश्चर्य हुआ जब उन्हें कंपनी की एचआर टीम एक मेल मिला जिसमें वेतन में बढ़ोतरी और बोनस देने की घोषणा की गई थी। आईटी कंपनियों और स्टार्टअप क्षेत्र में ऐसा दिख रहा है। एचआर मैनेजरों ने कहा कि कुछ ने नकदी एवं स्टॉक ऑप्शंस की पेशकश की है जबकि कुछ अन्य फिलहाल इंतजार करने के मूड हैं। उन्होंने बताया कि यह रुझान अन्य क्षेत्रों में बढ़ेगा।
प्रमुख आईटी कंपनी कॉग्निजेंट ने कर्मचारियों के छोडऩे की ऊंची दर को देखते हुए उन्हें कंपनी में बरकरार रखने के लिए 3 करोड़ डॉलर का एक विशेष फंड तैयार किया है। दिसंबर तिमाही में कॉग्निजेंट में कर्मियों को छोडऩे की दर 19 फीसदी रही थ्थी। मीडिया खबरों के अनुसार, इस फंड का उपयोग बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले, विशेष तौर पर डिजिटल कौशल वाले कर्मचारियों को बरकरार रखने में किया जाएगा।
इसी प्रकार एचसीएल ने इस महीने के आरंभ में अपने कर्मचारियों के लिए 9 करोड़ डॉलर के एकमुश्त विशेष बोनस की घोषणा की है। कंपनी ने 10 अरब डॉलर राजस्व हासिल करने के अवसर पर यह घोषणा की थी। टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी अन्य आईटी कंपनियों ने भी वेतन वृद्धि करने की घोषणा की है। कोविड वैश्विक महामारी के प्रकोप के तुरंत बाद इन कंपनियों ने सतर्क रुख अख्तिायार करते हुए वेतन वृद्धि को टाल दिया था। लेकिन बेहतर प्रदर्शन ने अब उन्हें वेतन वृद्धि के लिए प्रेरित किया है।
टीसीएस ने 1 अक्टूबर से अपने सभी कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि की घोषणा की है। इन्फोसिस ने जनवरी से अपने सभी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की है। विप्रो ने भी जनवरी से 80 फीसदी कर्मचारियों के लिए 8 फीसदी तक वेतन वृद्धि की घोषणा की है। ऐसे में अन्य कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए बटुआ खोल सकती हैं।
भारतपे के सीईओ अश्नीर ग्रोवर ने कहा, ‘हम अपने सभी कर्मचारियों को धन सृजन के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यही कारण है कि हमने अपने 5 फीसदी शेयर (5 करोड़ डॉलर) को ईसॉप्स के लिए रखा है।’
एचआर मैनेजरों ने कहा कि तमाम आईटी कंपनियों ने पिछले साल वेतन में बढ़ोतरी नहीं की थी। इसलिए अब नियोक्ता कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं। वैश्विक नियुक्ति सलाहकार फर्म माइकल पेज के क्षेत्रीय निदेशक अंशुल लोढ़ा ने कहा, ‘बाजार में काफी गर्मी दिख रही है और ऐसे में कंपनियों में बैठी प्रतिभाओं के पास पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं। इसलिए महत्त्वपूर्ण प्रतिभाओं को बरकरार रखने के लिए कंपनियां आगे बढ़कर पहल कर रही हैं।’
रेटिंग फर्म केयर द्वारा जुटाए गए आंकड़ों से पता चलता है कि दिसंबर तिमाही में एनबीएफसी, कपड़ा, दूरसंचार-सेवा प्रदाता, रियल एस्टेट निर्माण जैसे कुछ उद्योग में शुद्ध बिक्री में वृद्धि के बावजूद कर्मचारी लागत में गिरावट आई है। इस मुख्य वजह कंपनियों द्वारा लागत को नियंत्रित करने के उपाय हो सकती है।
दिसंबर 2020 में समाप्त नौ महीनों की अवधि में एफएमसीजी कंपनियों ने उन व्यापार, बिक्री स्टाफ और डीलरों को प्रोत्साहन दिया है जो वैश्विक महामारी के दौरान अगले मोर्चे पर मौजूद थे। उन्हें बीमा, अस्पताल की सुविधा और उधारी का लाभ प्रदान किया गया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर, पारले प्रोडक्ट्स, आईटीसी, ब्रिटानिया, नेस्ले और गोदरेज कंज्यूमर जैसी शीर्ष कंपनियों ने प्रबंधन में प्रशिक्षुओं को बाहर नहीं किया। एशियन पेंट्स जैसी कंपनियों ने भी घोषणा की कि वह जून तिमाही में अपने कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करेगी।