किराया घटने से घटेगी विमानन फर्मों की कमाई

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 4:29 PM IST

एटीएफ की कीमत में 33 फीसदी कम होने के बाद विमानन कंपनियों ने किराया घटाने की शुरुआत भी कर दी है। एटीएफ  की कीमत कम होने विमानन कंपनियों ने अपने किराये 25-30 फीसदी घटा दिए हैं।


पिछले साल सितंबर में जब एटीएफ की कीमतें उच्चतम स्तर पर थी, तक इन कंपनियों को रोजाना लगभग 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था।

लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि किरायों में की जा रही कटौती के कारण कंपनियों को अब एटीएफ की कम कीमत का फायदा नहीं मिल पाएगा।

जेट एयरवेज पर जारी ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए की रिपोर्ट में कहा गया है कि एटीएफ की कीमत बढ़ने के कारण हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी घट गई थी। लेकिन किरायों में कमी की घोषणा होते ही यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किरायों में कटौती होने से ट्रैवल पोर्टल फर्मों के पास होने वाली बुकिंग में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। लेकिन देखना यह है कि यह तेजी कितने दिन तक बरकरार रहती है।

ट्रैवल पोर्टल मेकमाईट्रिप डॉट कॉम के मुख्य कार्याधिकारी केयूर जोशी ने कहा, ‘किराया घटाने के बाद दुनिया भर की विमान कंपनियां कारोबारियों से तत्काल टिकटों के लिए अधिक किराया लेती हैं। लेकिन  भारत में यह नहीं होता है।’

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि किराया घटने के बाद अब टिकटों की कीमत पिछले साल जनवरी वाले स्तर पर ही पहुंच गई है। पिछले एक साल में एटीएफ की कीमत एक तिहाई, कर्मचारियों की लागत 20 फीसदी और विमानों के किराए की लीज में 10-15 फीसदी की कमी आई है।

विमानन कंपनियों की कुल लागत में इन तीन चीजों की हिस्सेदारी 80 फीसदी होती है।

First Published : January 1, 2009 | 10:45 PM IST