प्रत्यक्ष कर संग्रह को मिला टीडीएस का सहारा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 2:35 AM IST

स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) में इजाफे के साथ केंद्र की कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2008-09 में 3,40,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
यह संशोधित लक्ष्य 3,44,600 करोड़ रुपये से थोड़ा ही कम है। इस स्तर पर कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह में पिछले साल के वास्तविक संग्रह की तुलना में 10 फीसदी बढ़ोतरी होगी।
अग्रिम कर भुगतान में खराब उगाही के चलते राजस्व अधिकारियों को इस बात का डर था कि मार्च 2009 को समाप्त तिमाही में राजस्व संग्रह में कमी आ सकती है।
सितंबर 2008 को समाप्त छमाही में इसमें 25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी, लेकिन वैश्विक आर्थिक संकट के मद्देनजर कंपनियों पर बुरा असर पड़ने की वजह से प्रत्यक्ष कर संग्रह में कमी आ गई।
राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘पिछले साल दिसंबर से हमलोगों ने टीडीएस और नियमित समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया था और उसी वजह से कर संग्रह लक्ष्य के करीब है।’ ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2009 में टीडीएस संग्रह 1,30,456 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 1,04,695 करोड़ रुपये से 25 फीसदी अधिक है।
हालांकि अग्रिम कर संग्रह के दो मदों- निगम कर और आयकर में 7 फीसदी की कमी आई और यह लगभग 1,68,000 करोड़ रुपये रहा। उसी अधिकारी ने कहा, ‘एरियर और नियमित समीक्षा के तौर पर भी हमने 25,000 करोड़ रुपये की उगाही की है।’
जब करदाता आयकर भरता है, तो राजस्व विभाग एक समीक्षा करता है कि उसने आयकर सही भरा या नहीं। अगर यह वास्तविक कर से कम होता है, जो विभाग और अधिक कर की मांग करता है। ऑडिट और कंसल्टिंग कंपनी केपीएमजी के कार्यकारी निदेशक विकास वसल ने बताया, ‘भारत में मंदी का असर चौथी तिमाही में दिखा, इसलिए सरकार लक्षित कर संग्रह करने में सक्षम थी।
पिछले कुछ साल में कर की दर में कमी की वजह से भी इसकी उगाही अच्छी हो रही है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या ज्यादा टीडीएस संग्रह से मौजूदा वित्तीय वर्ष में अधिक रिफंड की मांग हो सकेगी, वसल ने कहा, ‘यह जरूरी नहीं है। वेतन को छोड़कर हर मामले में टीडीएस दर वास्तविक कर दर से कम होती है। रिफंड मांग तो नियमित समीक्षा के तहत आएगी।’
कर रिफंड में पिछले साल के मुकाबले मामूली 1.4 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो 41,000 करोड़ रुपये रही। प्रत्यक्ष कर में आधे से अधिक का योगदान निगम कर का होता है और इसमें 12 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया, लेकिन आयकर में 1.4 फीसदी की सपाट बढ़ोतरी देखी गई। फ्रिंज बेनिफिट टैक्स में 13 फीसदी का इजाफा हुआ।

First Published : April 24, 2009 | 9:36 AM IST