राजस्थान में छायी वीरानी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 2:05 AM IST

आर्थिक मंदी के दौर में होटल उद्योग दरकने लगा है। अगर दिसंबर और जनवरी महीने की बात की जाए, तो होटल उद्योग के लिए यह दौर काफी बुरा रहा है। खासकर राजस्थान में छुट्टियों के समय होटलों की बुकिंग में तकरीबन 30 फीसदी तक की कमी देखी गई।
राज्य में दिसंबर में होटल बुकिंग दर में 35 से 40 फीसदी तक की गिरावट रही। राजस्थान होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के सचिव हेमंत मित्तल ने कहा, ‘जनवरी 2008 के मुकाबले होटल के 40 फीसदी कमरे खाली हैं।’
उद्योग जानकारों की मानें, तो पर्यटकों की आवाजाही और बुकिंग दर में हुई इस तरह की कमी का अनुमान नहीं था। पिछले वर्ष भारत को होटल उद्योग से 44 हजार करोड़ रुपये की आय हुई थी। इस बार इसमें 20 फीसदी के घाटे का अनुमान लगाया जा रहा है।
पिछले साल विदेशी पर्यटकों ने भारत में 10 अरब डॉलर खर्च किए थे। भारतीय टूर ऑपरेटर एसोसिएशन (आईएटीओ) के अध्यक्ष विजय ठाकुर ने कहा, ‘दिसंबर और जनवरी के दौरान विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी कमी देखी गई है। इस दौरान कई एयरलाइंसों ने अपने किराये में कमी भी की है, लेकिन इसके बावजूद पर्यटकों की संख्या में गिरावट जारी है।’
लीला ग्रुप ऑफ होटल के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विजय ठाकुर ने कहा, ‘लक्जरी होटलों की स्थिति तो व्यापारियों की यात्रा की वजह से ठीक- ठाक रही, लेकिन पर्यटक होटलों की स्थिति इस दौरान काफी खराब रही।’
उत्तर भारत होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय पांडे ने कहा, ‘अभी का दौर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग के लिए काफी बुरा चल रहा है। रेस्टोरेंट की बिक्री में तकरीबन 25 फीसदी तक की कमी आ गई है। होटल उद्योग की हालत भी काफी खराब हो गई है।’
उन्होंने बताया कि इसके लिए आर्थिक मंदी, आतंकवाद और सरकारी नीतियों को जिम्मेदार माना जा सकता है। उन्होंने कहा ‘होटल उद्योग को सरकारी नीतियों का पूरा समर्थन नहीं मिल पा रहा है। होटलों को किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि लोकसभा चुनाव तक होटल का कारोबार बुरे दौर में ही रहेगा।’
राजस्थान होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कहा, ‘होटल उद्योग की आज जो भी हालत है, उसके लिए सरकारी नीति काफी जिम्मेदार है। 

लिहाजा हमलोग इस सिलसिले में जल्द ही एक बैठक करने वाले हैं कि सरकार के सामने किस तरह की मांग रखी जाए। अभी चुनाव का वक्त है और हो सकता है कि सरकार इस दौर में हमारी मांगों पर नजरे इनायत कर भी दे। वैसे उद्योग की हालत काफी खराब है और चुनाव के बाद ही इसमें कोई सुधार हो सकता है।’
वैसे घरेलू पर्यटकों की वजह से राजस्थान का होटल कारोबार थोड़ा बहुत चल भी रहा है। हालांकि पिछले वर्ष हुए विस्फोट की वजह से राज्य के होटल कारोबार पर बुरा असर पड़ा था, लेकिन धार्मिक पर्यटन, रईसों के शादी समारोह और कॉरपोरेट कॉन्फ्रें स की वजह से स्थिति थोड़ी सी संभल गई।
अगर अक्टूबर 2008 तक के सरकारी आंकड़ों पर गौर करें, तो पिछले साल के  मुकाबले राजस्थान की यात्रा करने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या में 13.11 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया।

First Published : February 23, 2009 | 10:42 PM IST