और बढ़ीं दाइची की मुसीबतें

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 6:34 PM IST

दाइची सांक्यो की रैनबैक्सी से जुड़ी समस्याओं में तब और इजाफा हो गया जब रैनबैक्सी की सह-कंपनी जैनोटेक के कई अंशधारकों ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया। 

अंशधारकों का आरोप है कि दाइची नेनोटक को रैनबैक्सी से कम ओपेन ऑफर की पेशकश की। मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होनी है।
अंशधारकों ने दाइची सांक्यो से 160 रुपये प्रति शेयर के ऑफर की मांग की है, जो महज 113.62 रुपये प्रति शेयर रही है। अंशधारकों के मुताबिक, साल भर पहले जब रैनबैक्सी नेनोटेक में 45 फीसदी शेयर खरीदे थे तब उसके एक शेयर के लिए इतनी ही राशि दी गई थी।
गौरतलब है कि जब कोई कंपनी किसी दूसरी कंपनी में 15 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी खरीदती है, तो इसके लिए उसे ओपन ऑफर देना होता है। रैनबैक्सी का अधिग्रहण करने से जैनोटेक में भी दाइची का नियंत्रण हो गया। इस लिहाज से वह जैनोटेक के लिए भी पेशकश करने के काबिल हो गई।
दो हफ्ते पहले जब मामला दायर किया गया था तब न्यायालय ने सभी पक्षों जैसे सेबी, जैनोटेक, रैनबैक्सी और दाइची सांक्यो को नोटिस जारी किया। इसका जवाब देने के लिए उन्हें दो हफ्ते का समय दिया गया।
उम्मीद है कि अगले हफ्ते मामले की सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता आर. गुरुस्वामी की मांग है कि भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) ओपेन ऑफर की प्रक्रिया तब तक रोके रखे जब तक भाव का मसला हल न हो जाए।
इस बीच दाइची ने कहा है कि ओपेन ऑफर में संशोधन की उसकी कोई इच्छा नहीं है। अपनी सार्वजनिक घोषणा में कंपनी ने कहा कि उसकी योजना ोनोटेक के 20 फीसदी शेयर 113.62 रुपये प्रति शेयर की दर से खरीदने की है।
13 मार्च को खुलने और 1 अप्रैल तक बंद होने वाले इस ऑफर के जरिए उसकी योजना कंपनी के 68.85 लाख शेयर खरीदने की है।

First Published : February 27, 2009 | 11:11 PM IST