खरीदार पर नहीं हो सका फैसला

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 6:03 PM IST

सत्यम के फर्जीवाड़े के बाद सरकार द्वारा गठित नए बोर्ड की गुरुवार को हुई बैठक में भी कंपनी के लिए रणनीतिक साझेदार ढूंढ़ने की दिशा में कोई सफलता नहीं मिली। यह बैठक बिना किसी निर्णय के समाप्त हुई।
उम्मीद की जा रही थी कि इस बैठक में रणनीतिक साझेदार ढूढ़ने के लिए दिशा निर्देश तय कर लिए जाएंगे। यह भी कयास लगाया जा रहा था कि बैठक में शेयरों के आवंटन और बोली लगाने वाले के नाम पर भी विचार होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बैठक खत्म होने के बाद सदस्यों ने इस बाबत टिप्पणी से इनकार कर दिया।
सत्यम ने पहले कहा था कि निर्देश और प्रक्रिया का निर्धारण बोर्ड करेगी और इसे सेबी मंजूरी देगी और यह काम अपने अंतिम चरण में है। हालांकि कंपनी के खाते में अभी भी जटिलताएं बरकरार हैं, इसलिए नए निवेशक की तलाश में यह आड़े आ रही है।
आयकर विभाग कसेगा सत्यम पर
देश की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट धोखाधड़ी की जांच के दायरे का विस्तार करते हुए आयकर विभाग ने दो सदस्यीय दल का गठन किया है, जो सीबीआई की मदद करने के अलावा कथित कर उल्लंघन के मामले में समानांतर जांच करेगा।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विभाग ने आकलन और जांच विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति की है। एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने कहा कि हमने इस मामले की जांच के लिए एक दल का गठन पहले ही कर लिया है। जांच में शामिल सदस्य आकलन और जांच शाखाओं के हैं।
उपायुक्त के पद पर तैनात अधिकारी सीबीआई को जांच में मदद करेंगे, जबकि आईटी विभाग के लिए स्वतंत्र समानांतर जांच भी करेगा और यह पता लगाएगा कि कर के संबंध में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
फिडेलिटी ने बढ़ाई हिस्सेदारी
विदेशी संस्थागत निवेशक फिडेलिटी ने खुले बाजार खरीद के जरिए संकटग्रस्त सॉफ्टफेयर कंपनी सत्यम कंप्यूटर के अतिरिक्त 30 लाख शेयरों की खरीद कर इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 8.89 फीसदी कर ली है।
फिडेलिटी मेनेजमेंट एवं अनुसंधान एलएलसी ने बंबई स्टॉक एक्चेंज को बताया कि उसने अपनी विभिन्न इकाइयों के साथ सत्यम के 30 लाख शेयरों की खरीद की है, जो कंपनी में 0.45 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। एफएमआर के पास सत्यम के कुल 5. 99 करोड़ शेयर हो गए हैं जो कंपनी की 8.89 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं।

First Published : February 26, 2009 | 11:39 PM IST