घपले की वजह से सत्यम की साख को चाहे कितना धक्का पहुंचा हो, उसके सीईओ का ओहदा हासिल करने के लिए कई उम्मीदवार कतार में हैं।
कंपनी के नए बोर्ड के पास अब तक 40 लोगों की अर्जियां पहुंच चुकी हैं, जो सीईओ बनना चाहते हैं। नए बोर्ड के सदस्य दीपक पारेख ने बताया, ‘सीईओ के पद पर बैठने के लिए तकरीबन 40 लोग हमारे पास अपने नाम भेज चुके हैं ।
लेकिन जैसे शख्स की हमें तलाश है, उसका मिलना बहुत मुश्किल है। कई विदेशियों ने दिलचस्पी दिखाई है और कुछ भारतीय भी हैं, जो विदेश से लौटना चाहते हैं।’
उन्होंने यह भी बताया कि नकदी की समस्या से निपटने के लिए कंपनी ऐसी नकदी बैंकों को देने का वायदा कर चुकी है, जो उसे ग्राहकों से मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों का पैसा सत्यम में फंसा हुआ है, वे परेशान न हों क्योंकि ग्राहकों से मिलने वाली रकम से उसे चुकाया जाएगा।
नकदी की किल्लत से जूझ रही सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज ने रकम के जुगाड़ के लिए अब बैंकों और अपने ग्राहकों से गुहार लगाना शुरू कर दिया है। कंपनी देश-विदेश में अपने ग्राहकों से बकाया भुगतान जल्द से जल्द चुकाने के लिए अपील कर रही है।
पारेख ने बताया कि सभी ग्राहकों से जल्द से जल्द बकाया भुगतान करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी की सेल्स टीम को ग्राहकों से बकाया वसूलने के लिए कह दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा नकदी से जनवरी में तो कंपनी का काम किसी तरह चल जाएगा, लेकिन आगे का रास्ता मुश्किल भरा हो सकता है।