अमेरिकी डगर पर ब्रेकर

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 6:47 AM IST

भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम लिमिटेड (ईसीजीसी) ने अमेरिका के डेट्रॉयट में मौजूद तीन बड़ी कार निर्माता कंपनियों को ऑटो पाट्र्स निर्यात करने वाली भारतीय ऑटो उपकरण निर्माता कंपनियों को ऋण बीमा की सुविधा देने से इनकार कर दिया है।


उल्लेखनीय है कि 50 से ज्यादा भारतीय कंपनियां जनरल मोटर्स, फोर्ड मोटर्स और क्रिसलर जैसी नामी-गिरामी कंपनियों को वाहन उपकरण मुहैया कराती हैं।

दरअसल, आर्थिक मंदी के चलते तीनों दिग्गज कार निर्माता कंपनियां इन दिनों वित्तीय संकट से जूझ रही हैं। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में विभाग निर्यातकों को ऋण जोखिम का बीमा मुहैया कराने में सक्षम नहीं है।

इसकी वजह है कि ये कंपनियां पैसे की किल्लत झेल रही है, क्योंकि ऋण बीमा नहीं होने की स्थिति में बैंकों की ओर से ऋण अवधि की सीमा भी नहीं बढ़ाई जा रही है।


जिससे इन कंपनियों को ऑर्डर पूरा करने में परेशानी आ रही है। मंदी के चलते पहले ही वाहन उपकरणों की मांग में 40 से 60 फीसदी की गिरावट आ चुकी है, ऐसे में ईसीजीसी के इस कदम से ऑटो उपकरण निर्माता कंपनियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

ऑटो पाट्र्स निर्माता कंपनियां ऋण बीमा इसलिए कराती हैं कि अगर खरीदार की ओर से भुगतान नहीं किया जाए, तो उसे नुकसान न हो। ऋण बीमा के एवज में ऑर्डर पूरा करने के लिए बैंक उपकरण निर्माताओं को अल्प अवधि के लिए ऋण मुहैया कराता है।

पिछले साल करीब 18,000 करोड़ रुपये के ऑटो पाट्र्स का निर्यात किया गया था।

इनमें से करीब 27 फीसदी उत्तरी अमेरिका में मौजूद कार निर्माताओं को निर्यात किया गया था। यही नहीं, करीब 70 फीसदी उपकरण डेट्रॉयट के तीन दिग्गज कार निर्माताओं को निर्यात किया गया था।

अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनियों को उपकरण निर्यात करने वाली कंपनियों को ऋण बीमा सुविधा देने से ईसीजीसी का इनकार

वाहन उपकरण निर्माता कंपनियों पर गहराया संकट

बैंकों से नहीं मिल रहे कर्ज, ऑर्डर पूरा करने में आ रही है परेशानी

First Published : December 2, 2008 | 11:55 PM IST