बायोकॉन का लाभ 86 फीसदी बढ़ा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 5:21 AM IST

जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बायोकॉन ने कहा है कि 31 मार्च 2021 को समाप्त चौथी तिमाही के दौरान उसका एकीकृत मुनाफा 86.29 फीसदी बढ़कर 296.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी को एक साल पहले इसी अवधि में 159.1 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा है, जनवरी से मार्च 2021 की चौथी तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय एक साल पहले की इसी अवधि के 1,620.6 करोड़ रुपये के मुकाबले 26.13 फीसदी बढ़कर 2,044.1 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
बायोकॉन की कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कहा, चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का कुल कारोबार 26 फीसदी बढ़कर 2,044 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की शोध सेवाएं और जेनेरिक कारोबार से होने वाली आय से यह वृद्धि हासिल हुई है।
शॉ ने कहा कि बायोकॉन समूह वर्तमान में देशभर में रेमडेसिविर, इटोलिजुमैब और सायटोसोर्ब की मांग को पूरी करने का काम कर रही है। शेयर बाजारों को भेजी एक अन्य सूचना में कंपनी ने कहा कि उसके निदेशक मंडल ने अनुपम जिंदल को कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी के पद से हटाने और इंद्रानिल सेन को तुरंत प्रभाव से मुख्य वित्तीय अधिकारी नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र का शुद्ध लाभ बढ़ा
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने गुरुवार को कहा कि मार्च 2021 को समाप्त चौथी तिमाही में उसके एकल शुद्ध लाभ में दोगुने से भी अधिक वृद्धि के साथ यह 165.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। उसके सकल एनपीए में गिरावट आने से उसका मुनाफा बढ़ा है। पुणे मुख्यालय वाले सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक ने एक साल पहले इसी तिमाही में 57.57 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया था। शेयर बाजारों को भेजी नियामकीय जानकारी में बैंक ने कहा है कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय एक साल पहले की इसी अवधि के 3,198.30 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,332.99 करोड़ रुपये हो गई।
इस दौरान बैंक की संपत्ति गुणवत्ता में तेजी से सुधार आया है। तिमाही में उसकी सकल गैर- निष्पादित आस्तियां (एनपीए) मार्च 2021 को समाप्ति चौथी तिमाही में घटकर 7.23 फीसदी रह गईं जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 12.81 फीसदी के उच्चसतर पर थीं। राशि में यदि बात की जाए तो एनपीए एक साल पहले जहां 12,152.15 करोड़ रुपये पर था वहीं घटकर इस साल मार्च अंत तक 7,779.68 करोड़ रुपये रह गया। वहीं शुद्ध एनपीए 2.48 फीसदी (2,544.32 करोड़ रुपये) रह गया। एक साल पहले इसी अवधि में यह 4.77 फीसदी (4,145.38 करोड़ रुपये) पर था। बैंक ने इस दौरान फंसे कर्ज और आपात जरूरतों के लिए प्रावधान राशि को बढ़ाकर 1,310.76 करोड़ रुपये कर दिया जो कि पिछले साल 910.11 करोड़ रुपये रही थी। पूरे साल के दौरान बैंक का एकल शुद्ध लाभ 42 फीसदी बढ़कर 550.25 करोड़ रुपये हो गया। इससे पिछले साल उसने 388.58 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। बैक ने कहा कि मार्च तिमाही में उसने 20 खातों की धोखाधड़ी वाले खाते के तार पर पहचान की। इन खातों में कर्ज और अग्रिम के तौर पर कूल 335.92 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। इसके लिए बैंक ने सौ फीसदी प्रावधान किया है।

अंबुजा सीमेंट्स का शुद्ध लाभ 71 फीसदी बढ़ा
सीमेंट बनाने वाली प्रमुख कंपनी अंबुजा सीमेंट्स का समेकित शुद्ध लाभ मार्च 2021 में समाप्त चौथी तिमाही के दौरान एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 71 फीसदी बढ़कर 947 करोड़ रुपये हो गया। कर दम में खर्च बढऩे के बावजूद बिक्री बढऩे से मुनाफे को बल मिला। तिमाही के दौरान कंपनी की शुद्ध बिक्री एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 23 फीसदी बढ़ कर 7,715 करोड़ रुपये हो गई।
कंपनी ने कहा है कि तिमाही के दौरान उसकी एबिटा बढ़कर 24.1 फीसदी हो गई जो एक साल पहले की समान अवधि में 19.4 फीसदी रही थी। तिमाही के दौरान कर मद में कंपनी का खर्च बढ़कर 413.34 करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 264 करोड़ रुपये रहा था।
लाफार्ज होल्सिम के मुख्य कार्याधिकारी और अंबुजा सीमेंट्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी नीरज अखोरी ने कहा, ‘कोयला, पिटकोक और डीजल जैसे कच्चे माल की कीमतों में लगातार तेजी के बावजूद हमने कुशलता में सुधार के मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति की जिसका लागत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।’ उन्होंने कहा कि देश में मांग वृद्धि भी पिछली तिमाही के दौरान दमदार रही जिससे मात्रात्मक बिक्री में वृद्धि और वाणिज्यिक प्रदर्शन को बल मिला।
पूंजीगत खर्च के मोर्चेपर कंपनी राजस्थान के मारवार मुंडवा संयंत्र में क्लिंकर क्षमता को 3 एमटीपीए तक बढ़ाया जा रहा है। इससे सीमेंट की बिक्री में 5 एमटीपीए तक सुधार लाने में मदद मिलेगी। कंपनी ने कहा कि यह परियोजना जुलाई से सितंबर तिमाही तक चालू हो जाएगी।

यूटीआई एएमसी को चौथी तिमाही में 134 करोड़ रुपये को एकीकृत मुनाफा
यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने गुरुवार को बताया कि 31 मार्च 2021 को समाप्त चौथी तिमाही में उसका एकीकृत मुनाफा 133.62 करोड़ रुपये रहा। कंपनी को एक साल पहले इसी अवधि में 27.58 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
यूटीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी ने एक नियामकीय सूचना में कहा कि तिमाही के दौरान परिचालन से उसकी आय एक साल पहले इसी अवधि के 136.32 करोड़ रुपये से बढ़कर 289.24 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च 2021 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए प्रति शेयर 17 रुपये का अंतिम लाभांश देने की भी सिफारिश की है। शेयरधारकों की बैठक में इसको अंतिम मंजूरी दी जाएगी।  भाषा

First Published : April 29, 2021 | 11:57 PM IST