18 महीने बाद मुनाफे में लौटी भारती एयरटेल

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 8:47 AM IST

करीब 18 महीने तक नुकसान में फंसे रहने के बाद भारती एयरटेल मुनाफे में लौटी है और दिसंबर में समाप्त तिमाही में 854 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। ग्राहक आधार में मजबूती के कारण कंपनी को मुनाफे में लौटने में मदद मिली।
कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ (भारत व दक्षिण एशिया) गोपाल विट्ठल ने बुधवार को कहा, पूरे साल अप्रत्याशित उतारचढ़ाव के बावजूद हमने इस तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में इस तरह का सुधार हमारे हर पोर्टफोलियो में दिखा, जैसा कि हर कारोबारी क्षेत्र में बाजार हिस्सेदारी में हुई बढ़त में प्रतिबिंबित हुआ है। इस तिमाही में हमने अपने वायरलेस कारोबार में 1.3 करोड़ 4जी ग्राहक जोड़े। इसके परिणामस्वरूप हमारा राजस्व पिछले साल की समान अवधि के मुकाबदले 25 फीसदी बढ़ा और मार्जिन में भी इजाफा हुआ।
कंपनी का कुल राजस्व 26,518 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 24.2 फीसदी ज्यादा है। एक साल पहले कंपनी का राजस्व 21,344 करोड़ रुपये था। राजस्व में बढ़ोतरी मुख्य रूप से ग्राहकों के जुड़ाव और डेटा की बढ़ी खपत के कारण हुई।
औसत राजस्व प्रति ग्राहक (एआरपीयू) इस दौरान 135 रुपये के मुकाबले बढ़कर 166 रुपये पर पहुंच गया। मोबाइल राजस्व सालाना आधार पर 32.4 फीसदी बढ़ा, जिसकी वजह वसूली में सुधार और ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी रही।
एकीकृत एबिटा मार्जिन 45.9 फीसदी रहा, जो सालाना  दार पर 464 आधार अंक ज्यादा है। कंपनी का भारतीय राजस्व 25.1 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 19,007 करोड़ रुपये रहा और उसका मोबाइल सर्विस का देसी राजस्व सालाना आधार पर 32.4 फीसदी बढ़ा।
बुधवार को भारती एयरटेल का शेयर बीएसई पर 1.53 फीसदी की बढ़त के साथ 608.80 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर के परिदृश्य को लेकर विश्लेषकों का नजरिया सकारात्मक है। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंंशियल सर्विसेज ने कहा है, वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए 5जी सेवा अभी कुछ साल दूर है क्योंंकि स्पेक्ट्रम की उपलब्धता और इसके लिए माहौल तैयार होने में लंबा समय लगेगा। वहीं 4जी सेवा को भी अपनी वास्तविक क्षमता दिखाने में लंबा सफर तय करना है।
तिमाही में 4जी ग्राहकों में इजाफे का फायदा कंपनी को मिला, जो एक साल से बढ़त की राह पर है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, 4जी डेटा ग्राहकों मेंं सालाना आधार पर 33.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 16.56 करोड़ पर पहुंच गया। पिछली चार तिमाहियों में कंपनी ने अपने नेटवर्क में 4.2 करोड़ 4जी ग्राहक जोड़े हैं।
तिमाही में कंपनी के पोस्टपेड ग्राहकों में भी सात लाख की बढ़ोतरी हुई है।

जुबिलेंट फूड्स का मुनाफा 21 प्रतिशत बढ़ा
फास्ट-फूड दिग्गज जुबिलेंट फूडवक्र्स (जेएफएल) ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए अपने शुद्घ लाभ में 21.6 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया है। कंपनी की शुद्घ आय 102 करोड़ रुपये से बढ़कर 124 करोड़ रुपये हो गई। जेएफएल देश में डोमिनोज पिज्जा फ्रेंचाइजी का परिचालन करती है, हालांकि उसके परिचालन राजस्व में गिरावट दर्ज की गई। इस परिचालन से कंपनी का राजस्व अक्टूबर-दिसंबर 2019 की तिमाही के 1,071 करोड़ रुपये से थोड़ा घटकर 1,069 करोड़ रुपये रह गया। अप्रैल से शुरू होने वाले 9 महीनों में कई आउटलेट बंद होने और कोविड महामारी की वजह से रेस्टोरेंट परिचालन में समस्याएं पैदा हुईं और इससे कंपनी का कुल व्यवसाय प्रभावित हुआ। तिमाही के दौरान कंपनी की स्टोर वृद्घि सालाना आधार पर 1.7 प्रतिशत घट गई, जबकि समीक्षाधीन तिमाही में इसमें 5.9 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की गई थी।

बजाज कंज्यूमर का मुनाफा 17 फीसदी बढ़ा
एफएमसीजी कंपनी बजाज कंज्यूमर केयर ने बुधवार को बताया कि दिसंबर 2020 को समाप्त तीसरी तिमाही के दौरान उसका संचयी लाभ 17.54 फीसदी बढ़कर 57.29 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि इससे पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसे 48.74 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। बजाज कंज्यूमर केयर ने बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय 16.25 फीसदी बढ़कर 257.61 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 221.60 करोड़ रुपये थी।     कंपनी के बोर्ड ने वर्ष 2020-21 के लिए 6 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश की सिफारिश की है। भाषा

अदाणी एंटरप्राइजेज का शुद्घ लाभ 10 प्रतिशत तक घटा
कोविड-19 महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन का प्रभाव अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) पर भी दिखा है। कंपनी का दिसंबर तिमाही का समेकित शुद्घ लाभ सालाना आधार पर 10 प्रतिशत घट गया है। वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में कंपनी का शुद्घ कर-बाद लाभ (पीएटी) 343.17 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया जो पिछले साल की समान अवधि में 381.98 करोड़ रुपये था।
एईएल का समेकित शुद्घ राजस्व हालांकि मामूली 6.42 प्रतिशत तक बढ़कर 11,787.82 करोड़ रुपये रहा, जबकि पूर्ववर्ती वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह 11,075.32 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने नियामक को दी जानकारी में कहा है, ‘कोविड-19 महामारी से दिसंबर 2020 तक 9 महीनों के दौरान कंपनी का परिचालन और वित्तीय परिणाम प्रभावित हुआ। सभी सेगमेंट में के परिचालन में अब यह प्रभाव घट रहा है। कंपनी ने इस महामारी से पैदा हुई चुनौती की वजह से किसी आगामी आर्थिक दबाव को ध्यान में रखते हुए बड़े बदलावों पर जोर दिया है।’ बीएस

First Published : February 3, 2021 | 11:43 PM IST