यदि चालू वित्त वर्ष को अलग रखा जाए तो भारतीय क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) व्यवसाय के लिए वृद्घि को लेकर समस्या नहीं रही है। वित्त वर्ष 2015-20 के दौरान सालाना 19 प्रतिशत की वृद्घि के साथ क्यूएसआर संगठित खाद्य सेवा बाजार में कई अन्य फॉर्मेट में काफी आगे बढ़ गया है। मैनेजमेंट कंसल्स्टेंसी टेक्नोपैक के अनुसार, यह रुझान बरकरार रहने की संभावना है और वित्त वर्ष 2020-25 की अवधि के दौरान सालाना वृद्घि 23 प्रतिशत पर अनुमानित है।
आईपीओ के जरिये करीब 800 करोड़ रुपये जुटा रहीबर्गर किंग इंडिया की नजर इस वृद्घि पर लगी हुई है क्योंकि उसके द्वारा अगले 6 वर्षों में देश में अपनी उपस्थिति ढाई गुना तक बढ़ाकर 700 स्टोर पर पहुंचाए जाने की संभावना है, जो मौजूदा समय में 268 स्टोरों तक है।
जहां कंपनी ने अपने सूचीबद्घ प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले क्यूएसआर व्यवसाय में देर से प्रवेश किया है, लेकिन वह पिछले पांच साल में अपने स्टोरों की संख्या 85 प्रतिशत तक बढ़ाने में सक्षम रही है। अपने लक्षित ग्राहकों, क्यूएसआर (सैंडविच, बर्गर) में सबसे बड़ी श्रेणी में उपस्थिति, मॉल, ट्रांजिट लोकेशनों में उपस्थिति और भारतीय बाजार में अनुकूल पेशकशों से कंपनी को अपना राजस्व वित्त वर्ष 2018-20 के दौरान दोगुना से ज्यादा करने में मदद मिली।
जहां कुल राजस्व वृद्घि मजबूत रही है, वहीं सेम स्टोर सेल (एसएसएस) वृद्घि वित्त वर्ष 2019 में 29.2 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज करने के बाद वित्त वर्ष 2020 में सपाट बनी रही। कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए ऊंचा आधार जिम्मेदार था।
निवेशकों के लिए जिन दो प्रमुख पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत है, वे हैं अल्पावधि विकास परिदृश्य और मूल्यांकन। शेयरखान के अनुसार 59-60 रुपये पर, इस आईपीओ का भाव वित्त वर्ष 2020 के वित्तीय विवरणों को देखते हुए 29 गुना की उद्यम वैल्यू-परिचालन लाभ पर है। यह सूचीबद्घ प्रतिस्पर्धियों वेस्टलाइफ डेवलपमेंट (मैकडॉनल्ड) और जुबिलेंट फूडवक्र्स (डोमिनोज) के मुकाबले 6-32 प्रतिशत कम पर है।
कंपनी ने निर्गम से प्राप्त होने वाली रकम से अपना कर्ज घटाने की योजना बनाई है और इससे उसे ब्याज लागत बचाने तथा शुद्घ स्तर पर मुनाफे की स्थिति में तब्दील होने में मदद मिल सकती है। कंपनी ने विस्तार की भी योजना बनाई है क्योंकि कमजोर रियल एस्टेट कीमतों से उसे आकर्षक सौदे मिलने की संभावना है। मौजूदा महामारी का अन्य लाभ यह है कि क्यूएसआर व्यवसाय में प्रतिस्पर्धी तीव्रता घट सकती है, क्योंकि बड़ी तादाद में प्रतिस्पर्धी रेस्तरांओं के बंद होने का अनुमान है। इससे कंपनी को मौजूदा हालात से संगठित सेगमेंट की ओर बढ़ते रुझान और बढ़ती बाजार भागीदारी का लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि कंपनी ने बर्गर किंग ऐप का नया वर्सन पेश किया है, वहीं इसका दायरा बढऩे में समय लगेगा और वह इस मोर्चे पर अपने प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ रही है।
यदि कंपनी कोविड-19 महामारी की चुनौतियों का अच्छी तरह से मुकाबला करने में सक्षम रहती है, अपनी उपस्थिति बढ़ाती है और मार्जिन (इस वित्त वर्ष में भी सकल मार्जिन करीब 64 प्रतिशत पर मजबूत बना हुआ है) सुधारने के लिए परिचालन दक्षता का इस्तेमाल करती है, तो निवेशक दीर्घावधि वृद्घि का लाभ उठा सकते हैं।