एमसीएफ में माल्या की हिस्सेदारी बेची बैंकों ने

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 8:26 AM IST

यूबी समूह के प्रमुख से बकाया वसूली के प्रयासों के तहत भारतीय ऋणदाताओं ने मंगलोर केमिकल्स ऐंड फर्टिलाइजर्स (एमसीएफ) में विजय माल्या द्वारा नियंत्रित 12 प्रतिशत की संपूर्ण हिस्सेदारी बेच दी है। इन शेयरों को शेयर बाजारों में बेच दिया गया था और इस आय का उपयोग बैंक बकायों को चुकता करने में किया जाएगा।
एमसीएफ का मौजूदा प्रवर्तक – एडवेंट्ज समूह कंपनी में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है। गुरुवार को एमसीएफ का शेयर 10 फीसदी बढ़कर 68 रुपये पर बंद हुआ।
एमसीएफ से माल्या के पूरी तरह बाहर होने से यूबी समूह और एमसीएफ के बीच दशकों का लंबा संबंध खत्म हो जाएगा। यह कंपनी 1990 के दशक में यूबी समूह में आई थी और बीआईएफआर में कुछ अवधि के बाद यूबी समूह ने कंपनी को 90 के दशक के आखिर में फिर से सक्रिय किया था। दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 327 करोड़ रुपये काराजस्व और 80 लाख रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है।
ऋणदाताओं ने कहा कि हालांकि माल्या द्वारा लिए गए 9,200 करोड़ रुपये के भारी बकाये की तुलना में एमसीएफ हिस्सेदारी की बिक्री की आय मामूली है, लेकिन अपने बकाया वसूली के लिए उनकी निगाह यूबी समूह की पूरी संपत्ति पर है।
एमसीएफ के नए मालिक को भी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरोज कुमार पोद्दार के नेतृत्व में एडवेंट्ज समूह ने अपनी प्रतिस्पद्र्धी दीपक फर्टिलाइजर्स से अधिग्रहण की लड़ाई जीतने के बाद वर्ष 2012 में मैंगलोर केमिकल्स ऐंड फर्टिलाइजर का अधिग्रहण किया था। एक साल बाद एक अन्य समूह की कंपनी – टेक्समैको रेल ऐंड इंजीनियरिंग ने इसकी प्रतिस्पद्धी कालिंदी रेल निर्माण (इंजीनियर्स) का अधिग्रहण किया था।

First Published : February 12, 2021 | 12:12 AM IST