दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एटीऐंडटी के बारे में माना जा रहा है कि कंपनी अपने कुल वैश्विक कर्मियों की 4 प्रतिशत संख्या यानी लगभग 12,000 लोगों की छंटनी कर रही है।
कर्मियों की छंटनी के मामले में कंपनी ने हाल में कहा कि उसका कोई इरादा उसके लगभग 1,000 भारतीय कर्मियों की छंटनी करने का नहीं है। एटीऐंडटी के भारत में तीन कारोबार हैं, जिनमें सॉफ्टवेयर विकास, एप्लीकेशन प्रबंधन और वैश्विक नेटवर्क सेवाएं शामिल हैं।
डलास की 6,00,000 करोड़ रुपये की इस कंपनी के दुनियाभर में 3,00,000 कर्मी हैं। कंपनी ने आर्थिक मंदी के साथ-साथ कंपनी के ढांचे में फेर-बदल के अलावा मांग में कमी को देखते हुए कंपनी ने हाल में कर्मियों की छंटनी की घोषणा की है।
एटीऐंडटी गलोबल नेटवर्क सर्विसेज इंडिया के चेयरमैन एवं मुख्य कार्याधिकारी वी एस गोपीनाथ का कहना है, ‘छंटनी की योजना का भारत में कोई असर नहीं होगा और हम यहां किसी भी कर्मी की छंटनी नहीं करने वाले। इसका असर मूलत: अमेरिका में होगा। हम भारत में अब भी नियुक्तियां कर रहे हैं।’
हालांकि उन्होंने कहा कि कंपनी नियुक्ति की अपनी रणनीति में थोड़ी सर्तकता बरत रही है। उनका कहना है, ‘हम इस समय बहाव की स्थिति में हैं। कुछ बदलाव पूरे विश्व में हो रहे हैं। लेकिन हम निश्चित तौर पर नियुक्तियां कर रहे हैं।’
एटीऐंडटी ऐसी पहली वैश्विक दूरसंचार ऑपरेटर कंपनी है जिसे भारत में राष्ट्रीय लंबी दूरी (एनएलडी) और अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी (आईएनएलडी)के लिए एटीऐंडटी गलोबल नेटवर्क सर्विसेज इंडिया के जरिये लाइसैंस मिला था। मौजूदा समय में भारत में कंपनी के 1,000 कर्मी हैं।
एटीऐंडटी इंक और महिंद्रा टेलीकॉम इन्वेस्टमेंट की संयुक्त उपक्रम कंपनी एटीऐंडटी ग्लोबल नेटवर्क सर्विसेज ने भारत में 2007 की शुरुआत में व्यावसायिक सेवाएं शुरू की थीं।