फार्मेसी और खुदरा इकाई को मजबूत बनाएगी अपोलो

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 8:17 AM IST

देश की सबसे बड़ी अस्पताल शृंखला अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज का शेयर 12 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया जब कंपनी ने दिसंबर तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे घोषित किए। कंपनी के मुख्य परिचालन में सुधार के अतिरिक्त कंपनी ने खुदरा हेल्थकेयर बिजनेस व फार्मेसी वर्टिकल को मजबूत करने की रणनीति भी सामने रख दी।
अस्पताल शृंखला अपने फार्मेसी कारोबार से करीब 10,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य लेकर चल रही है, जो अभी 6,000 करोड़ रुपये है। इसके अलावा डायग्नोस्टिक्स वर्टिकल अगले तीन साल में 1,000 करोड़ रुपये का राजस्व दे सकता है, जो मौजूदा स्तर से चार गुना ज्यादा है। क्रेडिट सुइस के अनुभव अग्रवाल और सायंतन माजी ने कहा कि डायग्नोस्टिक्स व प्रिवेंटिव हेल्थ (अपोलो हेल्थकेयर ऐंड लाइफस्टाइल यानी एएचएलएल) की मजबूत विस्तार योजना अपोलो को सूचीबद्ध डायग्नोस्टिक्स कंपनी के समकक्ष खड़ा कर सकता है।
कंपनी ने अपने फार्मेसी परिचालन को पुनर्गठित किया है और वह बैक एंड परिचालन पर ध्यान केंद्रित करेगी। फार्मेसी कारोबार को अलग किया गया है, जो 1 सितंबर 2020 से प्रभावी हुआ। आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च के विश्लेषकों को उम्मीद है कि फार्मेसी कारोबार, एफएमसीजी और प्राइवेट लेबल उत्पाद वित्त वर्ष 20-23 के दौरान 12 फीसदी सालाना की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज करेगा। अपोलो के प्रबंधन ने कहा कि एएचएलएल का विस्तार डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र पर केंद्रित होगा। कंपनी ने अपोलो प्रोहेल्थ पेश किया है, जो प्रोऐक्टिव ऐंड पर्सनलाइज्ड हेल्थ मैनेजमेंट प्रोग्राम है, जिसके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़ा गया है और यह 2.2 करोड़ हेल्थ चेक के अनुभव के आधार पर तैयार किया गया है। शुरुआत में दक्षिण पर ध्यान दिया जाएगा, उसके बाद उत्तर व पूर्व की ओर बढ़ा जाएगा।
आक्युपेंसी व ज्यादा मरीजों के आगमन से उसका मुख्य कारोबार भी पटरी पर आ गया है, यह कहना है अपोलो हॉस्पिटल्स की एमडी संगीता रेड्डी  का। उन्होंने कहा, 2021 की शुरुआत सकारात्मक हुई है और टीकाकरण, अर्थव्यवस्था और हेल्थकेयर सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
दिसंबर तिमाही के नीतजे की तुलना एक साल पहले की समान अवधि व सितंबर तिमाही से नहीं की जा सकती क्योंंकि फार्मेसी का पुनर्गठन हुआ।
कंपनी के 8,816 बिस्तरों में से 83 फीसदी परिचालन में हैं और आक्युपेंसी का स्तर सितंबर तिमाही के 56 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 63 फीसदी पर पहुंच गया है। मरीजों के आगमन में इजाफा हुआ है और बाहरी मरीज कोविड पूर्व के स्तर के 65-70 फीसदी पर आ गए हैं। हालांकि हवाई व 
रेल यात्रा में नरमी इसे नुकसान पहुंचा रहा है।
भरे हुए बिस्तरों में से कोविड से जुड़े मरीजों की हिस्सेदारी एक चौथाई रही और राजस्व में उसका योगदान 17 फीसदी रहा। हालांकि कोविड को आवंटित बिस्तरों की संख्या मेंं लगातार आ रही कमी से यह और घट सकता है जबतक कि संक्रमण में और इजाफा नहीं होता। परिपक्व अस्पतालोंं के मुकाबले नए अस्पतालों में ज्यादा राजस्व का सकारात्मक ट्रेंड दिखा है। नए अस्पतालों में तेजी से राजस्व व मार्जिन भी आने वाले समय में बढ़ेगा। अपोलो हेल्थ ऐंड लाइफस्टाइल की बिक्री भी 6.4 फीसदी बढ़ी है, जिसमें कोविड से जुड़ी जांच का ज्यादा योगदान रहा।

परिचालन लाभ हालांकि 30 फीसदी बढ़ा, लेकिन मार्जिन में 14.1 फीसदी का विस्तार हुआ, जिसमें फार्मेसी के पुनर्गठन के बाद कर्मचारी लागत में कमी का योगदान रहा। हाल में रकम जुटाए जाने के बाद कंपनी अपना कर्ज घटाने में भी सक्षम होगी, जो अभी 2,704 करोड़ रुपये है और  अन्य परियोजना का भी वित्त पोषण कर सकेगी।

First Published : February 15, 2021 | 9:00 PM IST