लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने के मकसद से आदित्य बिड़ला समूह की रिटेल इकाई आदित्य बिड़ला रिटेल (एबीआरएल) ने अपना प्राइवेट ब्रांड लॉन्च किया है। इसके जरिए कंपनी के रिटेल स्टोरों को कीमतों में इजाफे से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
मार्च में पर्सनल केयर उत्पाद लॉन्च करने के बाद कंपनी अपने निजी ब्रॉन्ड के तहत दूध और डेयरी उत्पाद बाजार में उतारेगी। आदित्य बिड़ला रिटेल के मुख्य कार्यकारी थॉमस वर्गीस का कहना है कि शुरुआती दौर में कंपनी को पैकेजिंग, शोध एंव विकास और आपूर्ति तंत्र में निवेश करना होगा।
उन्होंने बताया कि कंपनी के पास क्षमतावान लोगों की कमी नहीं है, जिससे कंज्यूमर उत्पादों को उतारने में कोई परेशानी नहीं होगी। वर्ष 2007 में रिटेल की शुरुआत करते समय आदित्य बिड़ला समूह ने कहा था कि अगले तीन सालों में कंपनी के स्टोरों की संख्या 1000 तक होगी और इस पर करीब 9,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
आमतौर पर एफएमसीजी कंपनी रिटेलर और प्राइवेट ब्रांड को 10 से 15 फीसदी की मार्जिन देती हैं। यही वजह है कि किशोर बियाणी का फ्यूचर ग्रुप, रिलायंस रिटेल और स्पेंसर्स ने भी खाने-पीने की वस्तुओं के प्राइवेट ब्रांड लॉन्च किया है। अब बिड़ला रिटेल भी इस राह पर चल पड़ी है।
अर्नस्ट ऐंड यंग के पिनाकीरंजन मिश्रा का कहना है कि रिटेल कंपनियों की ओर से यह मुनाफा बढ़ाने की कवायद है। इसी के तहत वे एफएमसीजी में प्राइवेट ब्रांड लेकर आ रहे हैं। हालांकि अभी इस मॉडल को स्थापित होने में समय लगेगा।
हालांकि एबीआरएल ने वस्तुओं के उत्पादन के लिए वेंडरों से साझा किया है, लेकिन गुणवत्ता और कीमतों को तय करने के लिए कुछ मसलों पर रिटेल कंपनी का ही नियंत्रण होगा।
वर्गीस ने कहा कि कंपनी वेंडरों को पैकेजिंग मैटीरियल भी मुहैया कराएगी। और जहां जरूरत पड़ेगी कंपनी गुणवत्ता के लिए हस्तक्षेप भी कर सकती है।
एफएमसीजी कंपनी की राह पर चलते हुए रिटेल कंपनी ने ब्र्रांड डेवलपमेंट, उत्पाद विकास और आपूर्ति प्रबंधन के लिए टीम बनाने की कवायद में भी जुटी हुई है। कंपनी में जिसे प्रमुख बनाया गया है वे पहले हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर आदि कंपनियों में काम कर चुके हैं।
एबीआरएल के सहायक उपाध्यक्ष (प्राइवेट ब्रांड) फरीदा के. का कहना है कि इस तरह के कारोबार को चलाने के लिए रिटेल और एफएमसीजी का अनुभव होना बहुत जरूरी है।
किशोर बियाणी का फ्यूचर ग्रुप ने हाल ही में घोषणा किया है कि वह अगले चार सालों में प्राइवेट लेबल के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और तमाम सेगमेंट में एफएमसीजी, कंज्यूमर डयूरेबल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद उतारेगी।
मुकेश अंबानी का रिलायंस रिटेल भी रिलायंस सेलेक्ट, रिलायंस वैल्यू ब्र्रांड और डेयरी प्योर के नाम से उत्पाद लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।
हालांकि एफएमसीजी के जानकारों का कहना है कि इस क्षेत्र संगठित कंपनियों के आ जाने से पहले से काम कर रही कंपनियों को कोई खतरा नहीं है, क्योंकि रिटेल कंपनियां अभी शुरुआती अवस्था में हैं।
पर्सनल केयर, डेयरी आदि के उत्पाद उतारने की तैयारी
मंदी में मुनाफा कमाने की नई जुगत
रिलायंस रिटेल, फ्यूचर ग्रुप और स्पेंसर्स भी हैं इस कतार में