आदित्य बिड़ला (एबी) समूह की रिटेल कंपनी आदित्य बिड़ला रिटेल इस साल के मार्च तक हेयर ऑयल, हेयर स्टाइलिंग जेल, शेविंग क्रीम और जेल, टूथपेस्ट जैसे पर्सनल केयर उत्पादों को ‘एनरिच’ ब्रांड के तहत लॉन्च करने की योजना बना रही है।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अर्थव्यवस्था में डाउन ट्रेडिंग का लाभ उठाने के लिए कंपनी ऐसी योजना को अमली जामा पहना सकती है। कंपनी वित्तीय वर्ष 2011 तक अपने हाइपरमार्केट की संख्या 14 पार कर जाने की स्थिति में टिकाऊ घरेलू उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स को लॉन्च करने की योजना पर विचार कर रही है।
कंपनी ‘मोर’ ब्रांड नाम के तहत फिलहाल 670 सुपर मार्केट और दो हाइपरमार्केट चला रही है। कंपनी वित्तीय वर्ष 2011 तक 200 सुपरमार्केट खोलने की योजना भी बना रही है। वर्तमान में कंपनी कंज्यूमर डयूरेबल्स अपने हाइपरमार्केट में बेच रही है और मोबाइल हैंडसेट बेचने के लिए कंपनी ने एस्सार टेलिकॉम की मोबाइल स्टोर से गठजोड़ किया है।
आदित्य बिड़ला रिटेल के प्रमुख कार्यकारी थॉमस वर्गीज ने कहा, ‘हमलोग प्राइवेट लेबल कारोबार को गंभीरता से ले रहे हैं। हमलोग अगले चार से पांच साल में इस कारोबार में अपनी हिस्सेदारी 30 से 40 फीसदी करने पर विचार कर रहे हैं।’
कंपनी की प्रसंस्करण खाद्य पदार्थ, पर्सनल केयर उत्पाद, डिटर्जेंट आदि खंडों में 320 प्राइवेट लेबल बाजार में उपलब्ध है। कंपनी ‘फीस्टर्स’ ब्रांड के तह केचप्स, जेम्स, हनी, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, चिप्स, कूकीज, ‘110 पर्सेंट’ ब्रांड के नाम से डिटर्जेंट, डिशवाश बार और ‘एनरिच’ ब्रांड के तहत शैम्पू, साबुन आदि बेचती है।
किशोर बियाणी की फ्यूचर ग्रुप, मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल, आरपीजी की स्पेंसर जैसी बड़ी रिटेल कंपनियों ने भी इन उत्पादों को दाम कम होने और ब्रांड बनाने में मदद करने की वजह से उतारा है। फूड और ग्रॉसरी प्राइवेट लेबल में 25 से 35 फीसदी का मार्जिन होता है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर रिटेलरों को इन ब्रांडों पर 10 से 12 फीसदी का लाभ मिलता है।