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Apple ने बदला अपना गेम प्लान, भारत में पुराने आईफोन खरीदना अब नहीं होगा इतना सस्ता

एप्पल ने रिटेलर्स के लिए इंसेंटिव प्रोग्राम बंद कर दिया है, जिससे पुराने आईफोन पर मिलने वाला डिस्काउंट खत्म होगा और उनकी कीमतें ₹5,000 तक बढ़ सकती हैं

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अपेक्षा राय   
Last Updated- March 28, 2026 | 6:30 PM IST

भारत में एप्पल के पुराने आईफोन मॉडल्स की असली कीमत बढ़ने वाली है। न्यूज वेबसाइट मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने ऑफलाइन रिटेलर्स के लिए एक खास इंसेंटिव प्रोग्राम बंद कर दिया है, जिसकी वजह से ये बदलाव आ रहा है। इस प्रोग्राम के तहत रिटेल पार्टनर्स पुराने आईफोन पर कैशबैक और प्रमोशनल डिस्काउंट दे पाते थे। अब ये सुविधा खत्म हो जाने से रिटेलर्स के पास डिस्काउंट देने का स्कोप कम हो जाएगा। नतीजतन, ग्राहकों को पुराने मॉडल्स पहले जितने सस्ते नहीं मिल पाएंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्कीम के बंद होने के बाद रिटेलर्स अब खुद से प्राइस कट को अब्जॉर्ब नहीं कर पाएंगे। कुछ पुराने आईफोन मॉडल्स की प्रभावी कीमत में 5,000 रुपये तक का इजाफा हो सकता है। ये मॉडल्स आमतौर पर उन लोगों को आकर्षित करते हैं जो एप्पल के इकोसिस्टम में कम कीमत पर एंट्री करना चाहते हैं।

एप्पल की भारत रणनीति में बदलाव का संकेत

ये फैसला एप्पल की भारत में अपनी स्ट्रैटजी बदलने का इशारा है। कंपनी अब प्राइसिंग पर ज्यादा सख्ती बरतना चाहती है। रिटेलर्स द्वारा दिए जाने वाले डिस्काउंट पर लगाम लगाकर एप्पल अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों पर बेहतर कंट्रोल रखना चाह रही है।

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इस कदम से पुराने और नए आईफोन मॉडल्स के बीच प्राइस गैप भी कम हो सकता है। इससे ग्राहक ज्यादा आसानी से लेटेस्ट आईफोन की तरफ मुड़ सकते हैं।

खरीदारों और रिटेलर्स पर क्या असर पड़ेगा?

खरीदारों के लिए ये खबर थोड़ी मुश्किल वाली है। अब फेस्टिवल सेल या एक्सचेंज ऑफर के अलावा पुराने आईफोन पर भारी डिस्काउंट मिलना मुश्किल हो जाएगा। जिन लोग पुराने मॉडल से एप्पल में एंट्री करना चाहते थे, उनके लिए एंट्री कॉस्ट बढ़ सकती है।

रिटेलर्स की बात करें तो उनके पास प्रमोशन देने की फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाएगी। इससे आने वाले समय में डिमांड और मार्जिन दोनों पर असर पड़ सकता है। ऑफलाइन सेलर्स को पहले जितने डील्स ऑफर करना अब और मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि कंपनी की तरफ से मिलने वाला सपोर्ट बंद हो गया है।

भारत एप्पल के लिए ग्रोथ का बड़ा बाजार बना हुआ है। इस नए कदम से लगता है कि कंपनी अब सेल्स बढ़ाने का तरीका बदल रही है। पहले इंसेंटिव पर आधारित डिस्काउंट की जगह अब ज्यादा कंट्रोल्ड प्राइसिंग और टारगेटेड ऑफर्स पर फोकस किया जाएगा।

चुनिंदा प्राइस रिवीजन और फाइनेंसिंग स्कीम्स तो जारी रह सकती हैं, लेकिन ऑफलाइन चैनल्स में पुराने आईफोन पर बहुत ज्यादा डिस्काउंट अब कम ही देखने को मिलेंगे।

First Published : March 28, 2026 | 6:30 PM IST