एक हाउसिंग सोसाइटी में रिसाव की मरम्मत और प्लास्टर एवं रंग-रोगन करने वाले ठेकेदार पर दोषपूर्ण सेवा देने के कारण सात लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है।
ठाणे जिला उपभोक्ता निवारण मंच ने ठेकेदार को यह सजा सुनायी है।
यह मामला वर्ष 1999 में कल्याण में बने श्री स्वामी समर्थ कोपरेटिव सोसाइटी से जुड़ा हुआ है जिसमें रिसाव और अन्य समस्या उत्पन्न हो गयी थी। मरम्मत का काम वर्ष 2006 में भनदुप के मैक्सिमकोम एसोशिएसन को सात लाख की ठेकेदारी पर दी गयी थी। उसे पांच साल तक होने वाले ऐसी खराबी को ठीक करने का भी दायित्व दिया गया था।
हालांकि, इसमें बताया गया है कि मरम्मत के बावजूद सोसाइटी के भवन में रिसाव की शिकायत बनी रही। सोसाइटी के सदस्यों के मुताबिक, भवन में किया गया रंग रोगन भी उखड़ने लगा। ठेकेदार को इस समस्या के बारे में बताया गया लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
सोसाइटी ने एक लेखा परीक्षक के माध्यम से लेखा परीक्षण करवाया जिसने बताया कि काम ठीक तरीके से नहीं किया गया है। इसके बाद, सोसाइटी ने उपभोक्ता मंच की तरफ रूख किया।
ठेकेदर ने अदालत में बताया कि सोसाइटी कुछ काम के लिए अतिरिक्त भुगतान करने से बचने का तरीका निकाल रही है।
हाउसिंग सोसाइटी की शिकायत को स्वीकार करते हुए मंच के अध्यक्ष आरबी सोमानी और सदस्य ज्योति अय्यर ने ठेकेदार के बयान को गलत माना।