हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज :आरआईएल: ने कहा है कि अनुबंध के तहत कैग के लिये इस परियोजना में कार्यनिष्पादन आडिट करने गुंजाइश नहीं हैै। कंपनी चाहती है कि यह आडिट वित्तीय आडिट हो क्यों कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसका वादा कर चुका है।
आरआईएल के अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी :बिजनेस: बी गांगुली ने 16 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि कंपनी उत्पादन साझेदारी अनुबंध के लेखा प्रक्रिया की धारा 1.9 के तहत कैग से केजी-डी6 ब्लाक का आडिट कराने के लिये तैयार है।
उन्होंने कहा, जैसा कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सहमति जतायी है, वह वित्तीय आडिट होगा न कि प्रदर्शन आडिट।
कंपनी ने दो साल के अंतर के बाद भी आडिट में सहयोग पर सहमति जतायी। उत्पादन साझेदारी अनुबंध :पीएससी: के तहत जिस अवधि का आडिट किया जाना है, उसका दो साल के भीतर होना चाहिए और केवल विशेष परिस्थितियों में ही निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद आडिट का काम किया जा सकता है।
गांगुली ने कहा कि सहयोगात्मक रूख के तहत कंपनी ने 208-09 से 2011-12 के बीच किये गये खर्च का आडिट कराने पर सहमति जतायी है।
इससे पहले तक कंपनी यह कहती रही है कि पीएससी के तहत कैग निर्धारित समय से अधिक हो चुकी अवधि का आडिट नहीं कर सकता तथा रिपोर्ट पेट्रोलियम मंत्रालय को सौंपी जाएगी न कि संसद को। कंपनी यह चाहती थी कि कैग सूचना को गुप्त रखे और उसे सार्वजनिक नहीं करे।
कैग के साथ-साथ पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस शर्त पर आपत्ति जतायी थी।
भाषा