सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस कदम का मकसद चालू वित्त वर्ष में 30,000 करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करना है। हालांकि इस बारे में अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल करेगा।
सूत्रों के अनुसार खान मंत्रालय ने हिंदुस्तान जिंक लि. तथा भारत अल्यूमीनियम कंपनी :बाल्को: में सरकार की शेष बची हिस्स्ेदारी बेचने के लिये पिछले महीने नोट जारी किया। मंत्रालय ने दोनों पूर्व सार्वजनिक उपक्रमों का उपयुक्त मूल्यांकन करने के लिये दो-तीन विकल्पों का सुझाव दिया है।
वित्त मंत्रालय से टिप्पणी मिलने के बाद खान मंत्रालय विचार के लिये प्रस्ताव को मंत्रिमंडल के पास भेज सकता है।
फिलहाल सरकार की हिंदुस्तान जिंक में 29.5 प्रतिशत तथा बाल्को में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
इस वर्ष जनवरी में अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता रिर्सोसेज ने हिंदुस्तान जिंक तथा बाल्को में शेष हिस्सेदारी खरीदने के लिये सरकार को 17,275 करोड़ रुपये की पेशकश की थी। यह 30,000 करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य का 57 प्रतिशत है।
वित मंत्री पी चिदंबरम ने पिछले सप्ताह कहा था कि दो पूर्व सार्वजनिक उपक्रमों में शेष हिस्सेदारी बेचने का सरकार के पास एक विकल्प है और इसका उपयोग तभी किया जाएगा जब मौजूदा विकल्प....सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश....खत्म हो जाएं।
भाषा