सेबी ने कहा, सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कारपोरेशन :एसआईआरईसीएल: तथा सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन लि. :एसएचसीआईएल: तथा उनके प्रवर्तकांे-निदेशकांे अशोक राय चौधरी, रवि शंकर दुबे, वंदना भार्गव तथा सुब्रत राय सहारा के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बाजार नियामक ने कहा कि सहारा ने उच्चतम न्यायालय के 31 अगस्त, 2012 के आदेश के तहत दस्तावेज नहीं दिए हैं। ऐसे मंे सेबी ने उच्चतम न्यायालय मंे अवमानना की याचिका दायर की है।
हालांकि, सहारा समूह के प्रवक्ता ने सेबी के कदम पर कोई टिप्पणी नहीं की। समूह की कंपनियांे ने पिछले सप्ताह प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण से संपर्क कर दस्तावेज जमा कराने के लिए 31 जनवरी, 2013 तक का समय मांगा है।
शीर्ष अदालत ने एसआईआरईसीएल तथा एसएचसीआईएल को करीब तीन करोड़ निवेशकांे का 24,000 करोड़ रुपये 15 फीसद के सालाना ब्याज के साथ 30 नवंबर, 2012 तक सेबी को लौटाने को कहा है। सहारा समूह की दो कंपनियांे ने मार्च, 2008 और अक्तूबर, 2009 मंे विवरण के मसौदे :आरएचपी: के जरिये यह राशि जुटाई थी।