उन्होंने साथ ही उनके गुट के सभी अन्य उम्मीदवारों से भी उनकी ही राह पर चलने की अपील की।
तरलोचन ने कहा कि रणधीर ने सही फैसला किया है और नये अध्यक्ष को बीते समय की तरह अपनी टीम चुनने की स्वतंत्रता देनी चाहिए।
तरलोचन ने प्रेट्र से कहा, इससे पहले आईओए के चुनावों में भी कोई मुकाबला नहीं देखा गया था क्योंकि सबकुछ सर्वसम्मति से हुआ था। अब रणधीर ने नामांकन वापस ले लिया है तो मैं उनके सभी अन्य उम्मीदवारों से उन्हीं की राह चलने की अपील करूंगा ताकि हम मुकाबले से बच सकें।
उन्होंने कहा, आईओए में यही परंपरा रही है और यह अच्छी है, जहां सब कुछ सर्वसम्मति से होता है।