Advertisement
ICICI Pru MF ने लॉन्च किया नया फंड, ₹1,000 से स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश का मौका‘सेबी ने खातों को गलत समझा’, राजेश एक्सपोर्ट्स के फाउंडर ने फंड की हेराफेरी के आरोपों को खारिज कियाक्रिकेट से रियल एस्टेट तक: पूर्व क्रिकेटर अजीत अगरकर ने मुंबई में बेचा फ्लैट, जाने कितनी मिली कीमत!Gold ETF से एक साल में पहली बार निकासी, बढ़ी निवेशकों की चिंता; अब आगे क्या करना चाहिए?टेक्निकल एक्सपर्ट की पसंद बने Polycab और Coal India, निवेशक क्यों रखें नजर?बजाज फिनसर्व के बोर्ड से हटेंगे राजीव बजाज, ऑटो कारोबार पर बढ़ाएंगे फोकसचांदी में अभी और गिरावट का खतरा, लेकिन लंबी अवधि में मिल सकता है 150% तक रिटर्नSpaceX ला रही है इतिहास का सबसे बड़ा IPO, भारतीय निवेशक कैसे कर पाएंगे निवेश?अमेरिका-ईरान तनाव से भारत को झटका, Fitch ने FY27 ग्रोथ अनुमान 6.4% कियाTCS को AI में दिख रहे हैं 5 बड़े मौके, निवेशकों के लिए अहम संकेत
अन्य समाचार वकीलों का पैनल बनाये जाने के मामले में अनियमितता
'

वकीलों का पैनल बनाये जाने के मामले में अनियमितता

PTI

- November,25 2012 1:23 PM IST

सीवीसी की शुरूआती जांच के अनुसार राजनीतिक सिफारिशों के आधार पर वकीलों को पैनल में शामिल किया गया और उनके बीच अनुचित कार्य आवंटन....राजस्व तथा गैर-राजस्व मामलों के लिये....के उदाहरण सामने आये।

पिछले वर्ष शुरू जांच में पाया गया कि मंत्रालय के पास राजस्व तथा गैर-राजस्व विशेषग्यों के लिये कोई वर्गीकरण उपलब्ध नहीं था।

रिपोर्ट के अनुसार पैनल में शामिल वकीलों का राजस्व और गैर-राजस्व मामलों के बतौर विशेषग्य वर्गीकरण के लिये अनुभव या प्रोफाइल की जांच समुचित तरीके से नहीं की गयी। सीवीसी ने पाया कि राजस्व विशेषग्य के रूप में पैनल में शामिल वकीलोें के वर्गीकरण में कुछ विसंगतियां थी।

ये गड़बड़ी कानून एवं न्याय मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग के अंतर्गत आने वाले न्यायिक खंड में देखी गयी। कानून अधिकारियों की नियुक्ति की जिम्मेदारी मंत्रालय के पास है।

नियमों के मुताबिक केंद्र सरकार की तरफ से कानूनी मामलों के निपटान में कानून अधिकारियों की सहायता के लिये वकीलों का पैनल बनाया जाता है। वरिष्ठ तथा अनुभवी वकीलों का पैनल तीन श्रेणियों....पैनल-ए, पैनल-बी तथा पैनल-सी....में बनाया जाता है।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement