लंदन, 24 नवंबर :भाषा: आयरलैंड ने भारतीय दंतचिकित्सक सविता हलप्पनवार की मौत की सार्वजनिक जांच करने का फिलहाल खंडन नहीं किया है । वहां के एक अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा यह कहते हुए गर्भपात करने से मना करने पर सविता की मौत हो गयी थी कि इस देश में इसकी अनुमति नहीं है ।
आयररिश टाइम्स की खबर के अनुसार आयरलैंड की सरकार में दूसरे नंबर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी एमॉन गिलमोर ने कहा कि गर्भापात के बाद 31 वर्षीय चिकित्सक की मौत के कारणों की गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है।
उन्होंने कहा, मैं किसी बात का खंडन नहीं कर सकता ।
उल्लेखनीय है कि उनका यह बयान स्वास्थ्य सूचना एवं गुणवत्ता प्राधिकरण की ओर से मामला संग्यान में लेने के बाद एक अन्य जांच की आदेश के बाद आया है।
आयरलैंड के स्वास्थ्य मंत्री जेम्स रेली इस मामले की खुली जांच की लगातार मांग पर गौर कर रहे हैं । उन्होंने सविता हलप्पनवार की पति प्रवीण हलप्पनवार और उनके वकील ओ, डोनेल के साथ कल 25 मिनट की मुलाकात की।
प्रवीण के वकील ओ डोनेल ने मुलाकात को सकारात्मक बताया। रेली ने अपनी और सरकार की ओर से प्रवीण के प्रति संवेदना और दुख व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि गालवे अस्पताल में 17 सप्ताह के गर्भपात एवं सेप्टिसीमिया के कारण 28 अक्तूबर को सविता की मौत हो गयी थी ।
सविता के पति ने कहा कि भ्रूण के दिल में धड़कन सुनायी देने के बाद चिकित्सकों ने उसका गर्भपात करने से मना कर दिया था।
हेल्थ सर्विस एक्जक्यूटिव :एचएसई : से जांच में पक्षपात की संभावना के कारण प्रवीण उसकी मौत की सार्वजनिक जांच चाहते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री रेली से मुलाकात के बाद सार्वजनिक जांच के मांग की संभावना के बारे में पूछने पर वकील ओ डेनल ने कहा, उन्होंने :रेली ने: ने दुख व्यक्त करते हुये इसकी जांच के बारे में यथासंभव मदद देने का आश्वासन दिया है और इसके नतीजे पर पहुचने की उम्मीद जतायी है।
उन्होंने कहा, प्रवीण ने सार्वजनिक जांच कराने की मांग रखने की है, ताकि निष्पक्षता के साथ जनता के सामने सच आ सके। मुझे लगता है कि हमने जो भी कहा है उस पर वे :रेली : गौर कर रहे हैं ।