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एचडीएफसी बैंक को बतौर मुआवजा 55,000 रुपये देने का निर्देश

PTI

- November,23 2012 7:03 PM IST

दिल्ली निवासी श्याम प्रकाश बृजवासी ने एचडीएफसी से लोन लेकर मोटरसाइकिल खरीदी थी। बृजवासी की शिकायत पर उपभोक्ता मंच ने यह आदेश दिया।

केंद्रीय दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निपटान मंच ने कहा कि बैंक ने कर्जदार को बिना कोई नोटिस दिये मोटरसाइकिल उठवा ली, यह सेवा में कमी को बताता है। मंच ने इसके एवज में संबंधित उपभोक्ता को मुआवजा देने का निर्देश दिया।

उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष बी बी चौधरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, बैंक ने शिकायकर्ता को बिना नोटिस दिये मोटसाइकिल उठा ली। यह बैंक की सेवा में कमी को बताता है। पीठ ने शिकायकर्ता को बतौर मुआवजा 50,000 रुपये तथा 5,000 रुपये कानूनी खचे के रूप में देने को कहा।

अपनी शिकायत में याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने मोटरसाइकिल खरीदने के लिये 2008 में सेंचुरियन बैंक से 50,000 रुपये कर्ज लिया था। इस बैंक का बाद में एचडीएफसी में विलय हो गया।

उन्होंने मुआवजा के लिये याचिका दायर करते हुए कहा कि बैंक ने बिना उन्हें कोई सूचना या नोटिस दिये मोटरसाइकिल उठा ली।

बैंक ने अपनी दलील में कहा कि बृजवासी 53,550 रुपये का कर्ज देने में चूक की और उसके अधिकतर चेक लौट आये।

बैंक के अनुसार बार-बार ताकीद करने के बाद बृजवासी ने कुछ राशि अदा की। उसके बाद नोटिस भी दिया गया लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया।

बहरहाल, उपभोक्ता मंच ने बैंक की दलील खारिज कर दी क्योंकि वह नोटिस की प्रति उपलब्ध कराने में विफल रहा।

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