दी है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव आलोक कुमार जैन से रंजन सामत्रे के नेतृत्व में विश्व बैंक की टीम ने कल शाम मुलाकात के दौरान ग्राम्या पर व्यापक विचार विमर्श किया और विश्व बैंक द्वारा 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति दिये जाने की जानकारी दी ।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के 10 पहाड़ी जिलों की 550 ग्राम पंचायतों के तीन लाख हेक्टेअर क्षेत्र में विश्व बैंक की सहायता से विकेंद्रीकृत जलागम विकास परियोजना ग्राम्या फेज दो शुरू की जाएगी ।
इस परियोजना की कुल लागत 14 लाख डालर है जिसमें से 10 लाख डालर विश्व बैंक देगा जबकि तीन लाख डालर राज्य सरकार वहन करेगी तथा एक लाख डालर का अंशदान लाभार्थी द्वारा किया जाएगा।
यह सात वर्षीय परियोजना ग्राम पंचायतों द्वारा जलागम प्रबंध निदेशालय के माध्यम से क्रियान्वयित की जाएगी।
इस मौके पर जैन ने अधिकारियों से ग्राम्या चरण एक के अनुभवों के आधार पर चरण दो के लिये कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिये।