बनर्जी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, यह अल्पमत की सरकार है और मैं कल की गई हजारे की मांगों से पूरी तरह सहमत हूं। संप्रग सरकार हमारे समर्थन से सत्ता में आई। छोड़ने के बाद हमने राष्ट्रपति को लिखा कि हमने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। अब यह संप्रग सरकार नहीं बल्कि कांग्रेस सरकार है।
बनर्जी ने कहा, उन्हें अब कोई अधिकार नहीं है क्योंकि यह अल्पमत की सरकार है।
पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह के साथ हजारे ने कल संसद को तत्काल भंग करने की मांग की थी।