20 अक्तूबर
वह 56 वर्ष की थीं। अपने पीछे वह दो पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गयी हैं।
सूत्रों ने बताया, पोलाकोंडा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहीं कुमारी को पिछले दो साल से मुंह का कैंसर था और रोग के कारण कुछ माह पहले उनकी जीभ काट दी गयी थी।
पहली बार 1989 में वह कोलाकोंडा से कांग्रेस पार्टी की विधायक बनी थीं। 1994 में दूसरी बार इसी क्षेत्र से वह टीडीपी के समर्थन में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में विधायक बनीं।
सड़क एवं भवन मंत्री धर्मना प्रसाद राव, वन मंत्री एस विजय रामा राजू, पूर्व ग्राम एवं कृषक मंत्री एवं सांसद के वाई येरराम नायडु, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं चेडी के चेयरमैन पलवालसा राजशेखरन, पूर्व गृह मंत्री के काला वैंकट राव और अन्य पार्टियों के नेताओं ने कुमारी की मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की है।