बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को थोडी राहत देते हुए आज केन्द्रीय जांच ब्यूरों की विशेष अदालत ने उन्हें और जदयू नेता शिवानंद तिवारी को भी चारा घोटाले मामले में आरोपी बनाये जाने संबन्धी याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय में उनके खिलाफ दी गयी गवाही को अपने अदालत में मंगाने की याचिका खारिज कर दी ।
सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश पीके सिंह की ने आज चारा घोटाला मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय से नीतीश कुमार और शिवानंद तिवारी के खिलाफ दिये गये उमेश सिंह के बयान को अपने अदालत में मंगाने संबंधी याचिका खारिज कर दी ।
पिछली सुनवाई में प्रार्थी की ओर से उमेश सिंह के बयान को अदालत में मंगाने के लिए याचिका दी गई थी । जिस पर अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था । उक्त बयान में कथित तौर पर उमेश सिंह ने चारा घोटाले में नीतीश कुमार और शिवानंद तिवारी को भी दोषी बताया था ।
नीतीश कुमार और शिवानंद तिवारी को चारा घोटाले में आरोपी बनाये जाने वाली याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी और इस मामले में अगली सुनवाई आगामी 22 नवंबर को होगी ।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से जुडे चारा घोटाले के कांड संख्या आरसी 20ए:96: में शुक्रवार से सीबीआई की विशेष अदालत में अंतिम बहस शुरु हो गई है ।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पी के सिंह की अदालत में सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह बहस कर रहे है । इस मामले में लालू प्रसाद के अलावा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डा जगन्नाथ मिश्र, जगदीश शर्मा, बीएन शर्मा, आरके राणा समेत 45 आरोपी हैं।