अन्ना द्रमुख प्रमुख और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की अगुवाई में उनकी पार्टी के समर्थकों ने आज पार्टी का 41वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। अभिनेता से राजनेता बने एम जी रामचंद्रन ने द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि के साथ मतभेदों के कारण 1972 में अन्ना द्रमुक की स्थापना की थी।
स्थापना दिवस कार्यक्रमों के तहत जयललिता ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों, वरिष्ठ पार्टीजन और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ यहां अन्नाद्रमुक मुख्यालय में झंडा फहराया और रामचंद्रन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
उन्होंने इस मौके पर मिठाइयां बांटी और एक विशेष स्मारिका जारी की।
इस मौके पर जयललिता ने विश्वास व्यक्त किया कि पिछले वर्ष करूणानिधि को सत्ता से उखाड़ने वाली जनता भविष्य में अन्ना द्रमुक को और बड़ी विजय दिलाएगी। याद रहे कि अगले लोकसभा चुनाव के दौरान जयललिता राष्ट्रीय राजनीति के मंच पर बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रही हैं।
जयललिता ने अपनी पार्टी के चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक का नाम लिए बिना 2 जी के संदर्भ में कहा कि लोगों ने उन्हें नकार दिया, जिन्होंने देश का लाखों करोड़ रूपया लूटा और राष्ट्रीय स्तर पर तमिलनाडु का नाम बदनाम किया।
उन्होंने कहा, शैतानी ताकतें एक बार फिर उठने की कोशिश कर रही हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उनकी करतूतों को भूल जाएंगे। हम जानते हैं कि जनता ऐसा होने नहीं देगी।